तुलसीपुर में स्थित मदरसा जामिया अनवारूल उलूम।
- फोटो : माता-पिता के साथ लेफ्टिनेंट गौरव मिश्र।
बलरामपुर। तुलसीपुर स्थित मदरसा जामिया अनवारूल उलूम में कनिष्ठ सहायक पद पर हुई नियुक्ति में फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। फर्जी शपथ पत्र के आधार पर नियुक्ति के आरोप में पुलिस ने प्रधानाचार्य, लिपिक और नियुक्ति पाने वाले के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। यह कार्रवाई उप सचिव अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ अनुभाग-तीन, लखनऊ के निर्देश पर हुई है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार मदरसा जामिया अनवारूल उलूम में मो. हसन रजा की मृतक आश्रित के रूप में 25 मई 2023 को कनिष्ठ सहायक पद पर नियुक्ति की गई थी। जांच के दौरान रजिस्ट्रार कार्यालय की पत्रावली में दो जुलाई 2020 का एक शपथ पत्र पाया गया, जिसमें मो. हसन रजा के नाम से यह उल्लेख था कि उनके पास सहायक अध्यापक आलिया, फौकानिया और तहतानिया की निर्धारित शैक्षिक योग्यता नहीं है।
बाद में मो. हसन रजा ने 27 सितंबर 2021 के शपथ पत्र में दावा किया कि दो जुलाई 2020 का शपथ पत्र फर्जी है और उनके बिना हस्ताक्षर व जानकारी के तैयार कराया गया है। शासन के निर्देश पर मामला विधि विज्ञान प्रयोगशाला को भेजा गया, जहां हस्ताक्षरों की जांच कराई गई। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की 21 अक्तूबर 2022 की रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि शपथ पत्र पर किए गए हस्ताक्षर मो. हसन रजा से मेल नहीं खाते।
इस आधार पर शासन ने तत्कालीन मदरसा प्रबंधक, प्रधानाचार्य मेराज अहमद और लिपिक अजीज अहमद के साथ फर्जी नियुक्ति पाने वाले मो. हसन रजा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी यशवंत मौर्य ने बताया कि थाने में तहरीर दी गई है। पुलिस उपाधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
एमडीएम घोटाले में अभी जेल में है मदरसा प्रबंधक
बेसिक शिक्षा विभाग में मध्याह्न भोजन घोटाले में भी मदरसा प्रबंधक अहमदुल कादरी आरोपी है। वह इसी मामले में गिरफ्तार हो चुका है और इस समय जिला कारागर में बंद है। उसी के खिलाफ अब फर्जी नियुक्ति करने का मामला सामने आया है।