बलरामपुर। जिले में शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के प्रवेश के लिए दूसरे चरण की प्रक्रिया रविवार को समाप्त हो चुकी है। दूसरे चरण में 300 छात्रों ने आवेदन किया है। अब तीसरे चरण के लिए एक फरवरी से आवेदन शुरू होंगे। पहले चरण में आवेदन करने वाले 136 में से 99 छात्रों का चयन हो चुका है।
आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में 25 फीसदी सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को प्रवेश दिया जाता है। इन बच्चों को पढ़ने से लेकर कापी-किताब तक का खर्च शासन स्तर से वहन किया जाता है। शिक्षा सत्र 2025-26 के लिए एक दिसंबर से ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई। पहले चरण में एक दिसंबर से 19 दिसंबर तक कुल 136 बच्चों ने आवेदन किया था, जिसमें से 99 बच्चों का चयन हुआ। दूसरे चरण के दो से 19 जनवरी तक आवेदन लिए गए। जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता निरंकार पांडेय ने बताया कि दूसरे चरण में करीब 300 बच्चों ने आवेदन किया है। 24 जनवरी को लॉटरी के माध्यम से बच्चों का चयन और 27 जनवरी तक प्रवेश दिलाया जाएगा। इसके बाद एक फरवरी से तीसरे चरण के लिए आवेदन मांगे जाएंगे। तीनों चरणों में चयन होने वाले बच्चों को अप्रैल माह में नया सत्र शुरू होते ही दाखिला कराया जाएगा, ताकि बच्चे शिक्षा से वंचित न रह सकें। बीएसए शुभम शुक्ला ने बताया कि अधिक से अधिक छात्रों को योजना का लाभ मिल सके इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है।
पहली बार नवीन सत्र से पहले पूरी हो रही प्रक्रिया
आरटीई से निजी विद्यालयों में कमजोर आय वर्ग के बच्चों को प्रवेश दिलाने की प्रक्रिया पहली बार नये सत्र से पूर्व ही पूरी कर ली जाएगी। एक अप्रैल से शुरू होने वाले नए सत्र से पहले विद्यार्थियों को विद्यालयों का आवंटन तीन चरणों में पूरा हो जाएगा। जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। इसके पूर्व यह प्रक्रिया सितंबर महीने तक पूरी होती थी। जिसके चलते अर्धवार्षिक परीक्षा कराने में निजी विद्यालयों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। देर से प्रवेश होने पर विद्यार्थी भी परीक्षा नहीं दे पाते थे।