बलरामपुर। डीएम कृष्णा करुणेश व सीडीओ अमनदीप डुली के निर्देश पर मानकविहीन निर्माण में ग्राम पंचायत सचिव व प्रधान से जवाब तलब किया गया है। सामुदायिक शौचालय के निर्माण में जांच के दौरान खामियां पाई गईं हैं। सात दिन में संतोषजनक जवाब न देने पर विधिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। सदर ब्लॉक की चिरैय्या ग्राम पंचायत में सामुदायिक शौचालय के निर्माण कार्य में तीन सदस्यीय टेक्निकल टीम की जांच के दौरान मानक व गुणवत्ता की अनदेखी का खुलासा हुआ है।
डीपीआरओ नीलेश प्रताप सिंह ने बुधवार को बताया कि सदर ब्लॉक की चिरैय्या ग्राम पंचायत में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के जिला कंसलटेंट राजकुमार जायसवाल ने तीन अक्तूबर को सामुदायिक शौचालय के निर्माण में मानक व गुणवत्ता की अनदेखी की शिकायत की थी। सामुदायिक शौचालय के डीपीसी की मोटाई मात्र 1.5 इंच होने, दोयम व पीले ईट का प्रयोग और बालू की अधिक मात्रा सीमेंट में प्रयोग की जा रही है। ग्राम पंचायत सचिव व प्रधान से जवाब तलब कर 28 अक्तूबर तक रिपोर्ट देने को कहा गया। ग्राम पंचायत सचिव देवेंद्र प्रताप सिंह व प्रधान ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि सात लाख 86 हजार रुपये में चार यूनिट, इनमें दो पुरुष, दो महिला, एक दिव्यांग व एक बेबी फ्रेंडली शौचालय का निर्माण कार्य डीपीसी 15 सेंटीमीटर मोटाई के साथ मानक व गुणवत्ता के साथ कराया जा रहा है। विपक्षियों ने मामले को तूल देने के लिए शिकायत कराई है।
डीपीआरओ ने 24 नवंबर को डीएम व सीडीओ के निर्देश पर अपर जिला पंचायतराज अधिकारी नरेश चंद्र, सहायक अभियंता अनुराग वर्मा व स्वच्छ भारत मिशन के जिला कंसलटेंट योगेश कुमार की तीन सदस्यीय टेक्निकल टीम गठित कर सदर ब्लॉक की ग्राम पंचायत चिरैय्या में हो रहे सामुदायिक शौचालय के निर्माण की जांच सौंपी। टेक्निकल टीम ने मौके पर पहुंचकर सामुदायिक शौचालय के निर्माण की गुणवत्ता परखी। टेक्निकल टीम की जांच में सामुदायिक शौचालय के निर्माण में सफेद बालू व पीली ईंट का प्रयोग होने और मानकविहीन निर्माण का खुलासा हुआ है।
अपर डीपीआरओ ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत सचिव व प्रधान की तरफ से जांच में सहयोग नहीं किया जा रहा है। अपर डीपीआरओ की टेक्निकल टीम ने ग्राम पंचायत सचिव व प्रधान से वर्ष 2020-21 में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत सामुदायिक शौचालय निर्माण, वर्ष 20219-20 व 2020-21 में राज्य व केंद्र वित्त आयोग व अन्य योजनाओं के तहत ग्राम पंचायत में कराए गए सभी कार्यों के अभिलेख तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। अभिलेख देने में हीलाहवाली पर विधिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।