बलरामपुर। ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएसएनडी) सत्र में एएनएम सक्रिय भूमिका नहीं निभा रहीं हैं। एएनएम ई कवच पोर्टल पर गर्भवती व नवजात के डाटा फीडिंग में भी दिलचस्पी नहीं दिखाती हैं। इस बात का खुलासा अप्रैल में ई कवच पोर्टल की समीक्षा में हुआ है। अप्रैल में आठ दिवसों में आयोजित वीएचएसएनडी सत्र में 340 एएनएम के सापेक्ष महज 30-35 प्रतिशत एएनएम ही सक्रिय रहीं हैं। समीक्षा में रिपोर्ट सामने आने के बाद अब विभागीय अधिकारी गंभीर हुए हैं।
गर्भवती व नवजात के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए भले ही गांवों में ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएसएनडी) सत्र का आयोजन किया जाता है, लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही से सफल क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। एएनएम के सक्रिय भूमिका न निभाने से गर्भवती व नवजात के स्वास्थ्य की निगरानी नहीं हो पा रही है। अप्रैल माह में चार बुधवार व चार शनिवार को वीएचएसएनडी सत्र का आयोजन किया गया। इसमें 340 एएनएम की ड्यूटी लगाई गई। इसमें अधिकांश एएनएम ई कवच पोर्टल पर डाटा ही फीड नहीं किया। पोर्टल पर लॉग इन कर सेशन कंडक्ट करने का प्रतिशत बहुत ही कम रहा है, ऐसे में शासन स्तर से कड़ी नाराजगी जताई गई है। शासन स्तर से प्रत्येक वीएचएसएनडी सत्र की ऑनलाइन व भौतिक निगरानी कराई जाती है, वहीं जिले में एएनएम लापरवाही कर रही हैं।
बहुत कम रहा लॉगइन प्रतिशत
विभागीय समीक्षा में वीएचएसएनडी सत्र के दौरान ई कवच पोर्टल पर लॉगइन प्रतिशत बहुत ही कम रहा है। एक अप्रैल बुधवार को 340 एएनएम के सापेक्ष महज 0.29 प्रतिशत की ही उपस्थिति पोर्टल पर दर्ज हुई। इसी तरह चार अप्रैल शनिवार को 35.59 प्रतिशत, आठ अप्रैल बुधवार को 33.24 प्रतिशत, 15 अप्रैल बुधवार को 31.76 प्रतिशत, 18 अप्रैल शनिवार को 30.29 प्रतिशत, 22 अप्रैल बुधवार को 0.88 प्रतिशत, 25 अप्रैल शनिवार को 15.59 प्रतिशत व 29 अप्रैल बुधवार को 19.12 प्रतिशत एएनएम की उपस्थिति पोर्टल पर दर्ज हो पाई है।
सीएचसी अधीक्षकों को दिए गए हैं निर्देश
ई कवच पोर्टल पर वीएचएसएनडी सत्रों के डाटा फीडिंग व एएनएम के लॉगइन की निगरानी के लिए सभी सीएचसी अधीक्षकों को निर्देश दिया गया है। वीएचएसएनडी सत्र में लापरवाही करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव, एसीएमओ बलरामपुर