बलरामपुर। मनरेगा के तहत ग्राम पंचायत सिसई में विकसित अमृत वाटिका ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण का बेहतर उदाहरण बनकर सामने आई है। राप्ती नदी के किनारे तैयार इस हरित परिसर में लगाए गए फलदार पौधे अब फल देने लगे हैं। वाटिका की हरियाली, साफ-सफाई और बेहतर रखरखाव से प्रभावित अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को निरीक्षण किया।
परियोजना निदेशक विवेकानंद मिश्रा, उपायुक्त श्रम रोजगार सुशील कुमार अग्रहरि और खंड विकास अधिकारी संजय कुमार ने ग्राम पंचायत सिसई पहुंचकर अमृत वाटिका का निरीक्षण किया। ग्राम पंचायत सिसई में वर्ष 2023-24 के दौरान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत अमृत वाटिका का निर्माण कराया गया था।
ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान, ग्राम रोजगार सेवक और तकनीकी सहायक की नियमित देखरेख का परिणाम है कि पौधे तेजी से विकसित होकर अब फल देने लगे हैं। अधिकारियों ने अन्य ग्राम पंचायतों को भी इसी तरह की अमृत वाटिकाएं विकसित कर उनके नियमित रखरखाव पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।