बलरामपुर। शहर की सरकार के लिए आज होने वाली मतगणना कई मायनों में खास है। अध्यक्ष व सभासद पद के लिए चुनाव मैदान में उतरे 575 प्रत्याशियों के साथ ही राजनीतिक दलों के दिग्गजों की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई है। मतगणना को लेकर राजनीतिक दलों ने भी तैयारी की है।
बलरामपुर नगर पालिका परिषद की बात करें तो यहां पर वर्ष 2017 में बसपा की किताबुन्निशां ने जीत हासिल की थी। इस बार उनके पति शाबान अली बसपा से मैदान में हैं। सपा ने इशरत जमाल व भाजपा ने धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू को मैदान में उतारा है। यह सबसे अहम सीट है। इस पर सभी की निगाहें लगी हुई हैं, वजह यहां पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सभा कर चुके हैं। प्रभारी मंत्री नितिन अग्रवाल हों या जिला प्रभारी त्रयंबक तिवारी यहां पर गलियों की खाक छान चुके हैं। उतरौला के साथ ही अन्य निकायों में भी प्रत्याशियों के साथ ही स्थानीय नेताओं ने जी तोड़ मेहनत की है। इसका परिणाम शनिवार को आएगा।
भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह कहते हैं कि मतगणना को लेकर तैयारी पूरी कर ली गई है। मतगणना एजेंट बना लिए गए हैं। उन्हें समय से मतगणना स्थल पर पहुंचने को कहा गया है। सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष परशुराम वर्मा कहते हैं कि मतगणना को लेकर तैयारी हो चुकी है। एजेंटों को समय से पहुंचने के लिए निर्देश दिए गए हैं।
इनकी साख दांव पर
निकाय चुनाव में इस बार जिन राजनीतिक दिग्गजों की साख दांव पर लगी हुई है। उनमें बसपा से सांसद राम शिरोमणि वर्मा भी शामिल हैं। सपा से पूर्व मंत्री डॉ. एसपी यादव की प्रतिष्ठा जुड़ी है। भाजपा में पूर्व सांसद दद्दन मिश्र, विधायक पल्टूराम, कैलाशनाथ शुक्ल, राम प्रताप वर्मा व पूर्व विधायक शैलेश कुमार सिंह शैलू की लोकप्रियता का पैमाना भी यह चुनाव तय करेगा।