बलरामपुर। अवैध धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार जमालुद्दीन उर्फ छांगुर की जांच में नया मोड़ आ गया है। सुरक्षा एजेंसियों की जांच अब मनी लॉन्ड्रिंग, हवाला ट्रांजेक्शन, विदेशी फंडिंग, जमीन की फर्जी खरीद और फर्जी दस्तावेज के जरिए बड़े नेटवर्क के संचालन तक जा पहुंची है। ईडी, एटीएस और आयकर विभाग एक साथ सक्रिय हैं। हर जांच में नए खुलासे हो रहे हैं।
ईडी को छांगुर के रिमांड से जो इनपुट मिले हैं, उनमें कई विदेशी बैंकों में संदिग्ध लेन-देन, बेनामी संपत्तियां और फर्जी आईडी पर खोले गए बैंक अकाउंट शामिल हैं। यह अलग बात है कि छांगुर किसी सवाल का सीधे जवाब नहीं दे रहा है। इसके पीछे भी उसकी अपनी रणनीति है। वह संपत्तियों को नीतू के नाम से खरीदता था। अब सवालों पर वह नीतू से ही जवाब लेने की रट लगा रहा है।
सूत्रों के अनुसार नीतू भी चाहती है कि सवाल उसी से हो, ताकि वह जांच में अपना शातिर दिमाग से सभी को उलझा सके। बीते दिनों उतरौला में छापा के दौरान एजेंसी को नेपाल और खाड़ी देशों से जुड़े खातों में बड़ी रकम आने के प्रमाण मिले थे, जिसकी पुष्टि के लिए छांगुर से पूछताछ हो रही है।
फिलहाल छांगुर के जवाबों के आधार पर ईडी आगे कदम बढ़ाएगी। आयकर की टीम भी अभिलेखों की पड़ताल करने में जुटी है।
एक अधिकारी ने बताया कि जल्द ही उतरौला और आसपास के गांवों में छांगुर से जुड़े लोगों से पूछताछ होगी।