फोटो-26-बलरामपुर के उतरौला में स्थित फातिमा अस्पताल।-संवाद
उतरौला। नगर के फातिमा हॉस्पिटल में ढाई साल के बच्चे की हालत बिगड़ने पर उसे परिजनों समेत अस्पताल से बाहर निकालने का आरोप लगा है। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। अमर उजाला वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
वायरल वीडियो के अनुसार, तुलसीपुर निवासी सुरेश कुमार ने अपने ढाई साल के बच्चे को इलाज के लिए 23 अगस्त को फातिमा हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। सुरेश का आरोप है कि दवा, इलाज और बेड चार्ज के नाम पर करीब 60 हजार रुपये ले लिए गए। बृहस्पतिवार को बच्चे की हालत बिगड़ने पर चिकित्सकों ने उसे दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी। सुरेश ने आर्थिक स्थिति खराब होने की बात कहते हुए अस्पताल प्रबंधन से दूसरे अस्पताल भेजने की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया।
आरोप है कि इसके बाद अस्पताल कर्मचारियों ने सुरेश, उनकी पत्नी गुड़िया और बच्चे को बाहर निकाल दिया। दंपती अस्पताल के बाहर बैठकर लोगों से मदद की गुहार लगाते रहे। इसी दौरान निजी एंबुलेंस चालक ने बच्चे को गोंडा ले जाने के लिए 12 हजार रुपये मांगे। वीडियो वायरल होने के बाद आसपास के लोगों ने बच्चे को सीएचसी उतरौला में भर्ती कराया।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. चंद्र प्रकाश ने बताया कि बृहस्पतिवार देर शाम बच्चे को सीएचसी लाया गया था। इमरजेंसी में प्राथमिक उपचार के बाद उसे एंबुलेंस से जिला मेमोरियल चिकित्सालय भेज दिया गया। वहां बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश सिंह और प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. जावेद अख्तर ने बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
तीन सदस्यीय टीम कर रही जांच
सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि बच्चा अब पूरी तरह स्वस्थ है और घर पहुंच गया है। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। टीम में एसीएमओ डॉ. रवि नंदन त्रिपाठी, जिला मलेरिया अधिकारी राजेश पांडेय और पटल सहायक राजेश हंस शामिल हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
फोटो-26-बलरामपुर के उतरौला में स्थित फातिमा अस्पताल।-संवाद