बलरामपुर के महिला थाने में आयोजित परिवार परामर्श केंद्र की बैठक में मौजूद लोग ।-संवाद
बलरामपुर। परिवार परामर्श केंद्र की पहल से पति-पत्नी के बीच टूटे रिश्ते जुड़ रहे हैं। महिला थाना सभागार में रविवार को पति-पत्नी के बीच विवादों की सुनवाई करके एक साथ रहने के लिए राजी किया गया। परिवार परामर्श केंद्र में प्राप्त 26 शिकायतों के आधार पर दोनों पक्ष बुलाए गए। इसमें 12 मामलों में दोनों पक्ष सुनवाई में उपस्थित हुए। समझाने-बुझाने के बाद आठ मामले निस्तारित हो गए।
रेहरा बाजार के एक गांव में शराब की लत से पति-पत्नी के बीच रिश्ता टूटने के कगार पर पहुंच गया। पत्नी अपने बच्चों को लेकर तीन साल से मायके में रहती थी। मामला परिवार परामर्श केंद्र में पहुंचा तो समझा कर दोनों को राजी किया गया। श्रावस्ती जनपद थाना इकौना के एक गांव में पति की मृत्यु होने से पत्नी की ससुर से अनबन हो गई। महिला के तीन बच्चे हैं। बच्चों के पालन-पोषण के लिए महिला परेशान रहती थी। पत्नी ने परिवार परामर्श की मदद ली। समझाने पर मामला सुलझ गया और ससुर ने पति के हिस्से की जमीन और तीनों बच्चों के नाम से डेढ़ लाख रुपये की एफडी कराने का वायदा किया।
महराजगंज तराई के एक गांव में पति दूसरी शादी करके मुंबई चला गया। पत्नी ने न्यायालय में वाद दायर किया, तो परामर्श केंद्र से निस्तारण कर दिया गया। तुलसीपुर के एक गांव में पत्नी ने न्यायालय जाने के लिए परामर्श केंद्र से अपना मामला वापस ले लिया। ललिया के एक गांव में पति सऊदी में रहता है। परामर्श केंद्र की ओर से उसे बुलाया गया है। गैड़ास बुजुर्ग व देहात के एक-एक मामलों को न्यायालय भेजा गया है। परामर्शदाता तनवीर जहां, देवतादीन दुबे, महिला थाना प्रभारी पूनम यादव, महिला कांस्टेबल मनीषा व ज्योति ने सुनवाई के दौरान पति-पत्नी को आपस में मिल-जुलकर रहने के तौर-तरीके बताए।
अगली सुनवाई में फिर बुलाए जाएंगे 18 मामलों के दोनों पक्ष
जिन 18 मामलों में पति-पत्नी के बीच में समझौता नहीं हाे सका है, उन्हें भी आगे सुना जाएगा। कुछ मामलों में दूसरे पक्ष से जुड़े लोग नहीं आ सके थे, उन्हें भी बुलाने के लिए संबंधित थानों को सूचना दी गई है। 12 मामलों में दोनों पक्ष आए, जिसमें से आठ का समझौता कराया गया है। 15 दिन में परिवारों की खैरियत भी महिला थाने से जानी जाएगी।
-विशाल पांडेय, एएसपी