वातावरण में घुला विषैला धुआं
धुंध की मोटी चादर होने के कारण सुबह लोगों को देखने में परेशानी हुई। रविवार को सुबह 10 बजे तक स्थिति काफी खराब रही। मौसम में नमी और दीपावली पर दो दिन में करीब 150 क्विंटल से अधिक पटाखे जलने के बाद उससे निकलने वाला विषैला धुआं वातावरण में घुल गया है। गांवों में भी धान की कटाई व मड़ाई का काम शुरू हो गया है। इससे धूल का गुबार उड़ रहा है।
अस्पतालों में पहुंच रहे सांस के मरीज
प्रदूषण का असर सेहत पर किस प्रकार पड़ रहा है, इसकी हकीकत अस्पतालों में पहुंचने वाले सांस के मरीजों से हो रही है। रविवार को जिला मेमोरियल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में सांस व खांसी के मरीज अधिक दिखे। कुछ मरीजों को सीने में जलन की शिकायत भी रही। चिकित्सक ने मरीजों को मास्क लगाने का सुझाव दिया है।
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