बलरामपुर के सिटी पैलेस के पास श्रीराम लीला का मंचन करते कलाकार।-स्रोत: आयोजक
बलरामपुर। श्रीश्री 108 सत्य प्रचारिणी रामलीला समिति की तरफ से सिटी पैलेस रोड पर स्थित मैदान में रामलीला का मंचन चल रहा है। रामलीला के तीसरे दिन ताड़का वध व अहिल्या उद्धार का मंचन देखकर भक्त भाव विभोर हो गए।
ऋषि विश्वामित्र असुरों से अपने धार्मिक अनुष्ठानों की रक्षा के लिए अयोध्या पहुंचकर राजा दशरथ से राम और लक्ष्मण को मांगते हैं। ऋषि के अनुरोध पर राजा दशरथ अपने दोनों पुत्रों को साथ ले जाने के लिए अनुमति देते हैं। मार्ग पर जाते हुए राक्षसी ताड़का राम और लक्ष्मण पर हमला करती है। विश्वामित्र की आज्ञा से श्रीराम एक ही वाण से ताड़का का वध कर देते हैं। इसके बाद आश्रम में ऋषि विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा करते हुए राम और लक्ष्मण सुबाहू सहित कई असुरों का संहार करते हैं। इसी बीच ऋषि विश्वामित्र को राजा जनक सीता स्वयंवर का निमंत्रण भेजते हैं। निमंत्रण मिलने पर विश्वामित्र राम व लक्ष्मण के साथ जनकपुरी के लिए प्रस्थान करते हैं। रास्ते में प्रभु श्रीराम एक शिला (पत्थर) को देखते हैं। भगवान राम का चरण रज लगते ही पत्थर महिला के रूप में परिवर्तित हो जाता है। इस तरह प्रभु श्रीराम अहिल्या का उद्धार करते हैं।
इसी तरह सादुल्लाहनगर बाजार में श्री आदर्श रामलीला समिति की तरफ से भी शनिवार की रात ताड़का वध का मंचन किया गया। अयोध्या धाम से आए कलाकारों ने ताड़का वध का मंचन करके सभी को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र तिवारी, दीपचंद जायसवाल, विष्णु गुप्त, कल्लूराम गुप्ता, दिनेश गुप्त, रामबहोर वर्मा, निलेश गुप्त व संतोष गुप्त आदि मौजूद रहे।