बलरामपुर के जिला कारागार का निरीक्षण करते प्राधिकरण सचिव व अन्य ।-स्रोत: विभाग
बलरामपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से गरीबी के चलते मुकदमे की पैरवी न कर पाने वाले बंदियों को अधिवक्ता की व्यवस्था कराई जा रही है। जिला कारागार के तीन बंदियों का मुकदमा अधिवक्ता मुफ्त में लड़ेंगे। जनपद न्यायाधीश/जिला विधि सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष उत्कर्ष चतुर्वेदी के निर्देश पर सोमवार को जिला कारागार का निरीक्षण करके व्यवस्था की जानकारी ली गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव अतुल कुमार नायक ने जिला कारागार का निरीक्षण किया। इस दौरान विधिक साक्षरता शिविर का भी आयोजन हुआ। जिला कारागार में संबद्ध विधिक स्वयं सेवकों को लीगल क्लीनिक के प्रपत्रों को व्यवस्थित करने का निर्देश दिया। कारागार में छोटे अपराधों, वृद्ध व असाध्य रूप से बीमार बंदियों को विधिक सहायता का लाभ लेने के बारे में बताया। कहा कि ऐसे बंदी को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से निशुल्क व्यवस्था कराई जा रही है।
महिला बंदियों के साथ रहने वाले बच्चों को दूध व पौष्टिक भोजन की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कारागार के बंदियों की समस्याएं सुनीं। परिजनों से विधि के अनुसार बात करने का सुझाव दिया। उन्होंने बंदियों के विधिक अधिकारों का हनन न होने पर जोर दिया। इस दौरान कारागार अधीक्षक विजय कुमार शुक्ल, जेलर शैलेश कुमार सिंह सोनकर व डिप्टी जेलर अभय यादव आदि मौजूद रहे।