बलरामपुर। लॉकडाउन के दौरान अभिभावकों से एडवांस फीस वसूलने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। डीएम कृष्णा करुणेश ने जिले के सभी निजी स्कूलों के संचालकों को जबरन फीस वसूली की शिकायत पाए जाने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
डीएम ने मंगलवार को बताया कि कोविड 19 के संक्रमण के फैलाव से बचाव व नियंत्रण के लिए भारत सरकार व उत्तर प्रदेश सरकार ने 22 मार्च से 14 अप्रैल तक लॉकडाउन घोषित किया है। इस अवधि में जिले के सभी शैक्षणिक संस्थान पूरी तरह से बंद हैं। लॉकडाउन के कारण कई छात्रों के अभिभावकों व उनके परिवारीजनों के कारोबार व रोजगार प्रभावित हुए हैं।
विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को अप्रैल, मई व जून 2020 की फीस पूर्व वर्षों की तरह जमा कराने की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं जबकि लॉकडाउन से प्रभावित कई अभिभावक अप्रैल से एडवांस फीस देने में असमर्थ हैं। इससे अभिभावक परेशान हैं। ऐसी स्थिति में आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत आपदा प्रबंधन की शक्तियों का प्रयोग करते हुए डीएम ने बलरामपुर जिले के सभी शैक्षणिक संस्थाओं के प्रबंधकों को आदेश दिया है कि उनकी तरफ से कोविड 19 की आपदा की अवधि में किसी भी अभिभावक को एडवांस फीस जमा करने के लिए बाध्य न किया जाए।
विद्यालयों के ऑनलाइन पढ़ाई के अभियान से किसी भी छात्र-छात्रा को वंचित न किया जाए और न ही विद्यालय से उनका नाम काटा जाए। आपदा समाप्त होने पर त्रैमासिक फीस को आगामी महीनों में समायोजित कर अभिभावकों को कार्ययोजना से अवगत करा दिया जाए। इस आदेश का उल्लंघन राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम की श्रेणी में आएगा। जो दंडनीय है। इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।