बलरामपुर। स्कूलों में छात्रों की कम उपस्थिति का मामला सीएम डैश बोर्ड की समीक्षा में भी छाया रहा। इस कारण बेसिक शिक्षा विभाग को जिले में डी रैंक मिली है। इससे नाराज बीएसए ने 347 स्कूलों पर कार्रवाई करते हुए वहां तैनात शिक्षक व कर्मचारियों का वेतन रोकने का निर्देश दिया है।
बेसिक शिक्षा विभाग स्कूलों में बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थिति को लेकर लगातार अभियान चला रहा है। अगर कोई बच्चा पांच दिन से अधिक समय तक अनुपस्थित रहता है, शिक्षक को उसके घर जाकर परिजनों से संवाद तक करना होता है। इसके बावजूद स्कूलों में बच्चों की हाजिरी बेहतर नहीं हो पा रही है। सीएम डैश बोर्ड की पड़ताल में यह सच्चाई सामने आई है। बीएसए कल्पना देवी ने बताया कि बच्चों की कम उपस्थिति पर बलरामपुर ग्रामीण के 55, नगर के एक, गैसड़ी के 30, गैड़ास बुजुर्ग के 21, हरैया सतघरवा के 81, उतरौला नगर के एक, ग्रामीण के 19, पचपेड़वा के 23, रेहरा बाजार के 23, श्रीदत्तगंज के 63 व तुलसीपुर के 29 सहित कुल 347 स्कूलों के शिक्षकों-कर्मचारियों का वेतन रोक दिया है। उन्होंने बताया कि उपस्थिति में सुधार के बाद ही वेतन का भुगतान सुनिश्चित कराया जाएगा।
- उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष ज्ञान सागर पाठक, मंत्री अवधेश कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में शिक्षकों ने बीएसए से मुलाकात कर उन्हें अपनी मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया कि वर्तमान में शादी विवाह, मुंडन व अन्य वैवाहिक कार्यक्रम के कारण अधिकांश बच्चे अपने अभिभावक के साथ निमंत्रण में चले जाते हैं। कुछ बच्चे खेती के कामों में व्यस्त रहते हैं। इस कारण विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति कम रहती है। इसे शिक्षकों के स्तर पर बरती गई लापरवाही मान कर वेतन रोकना उत्पीड़न की कार्रवाई है। संघ ने शिक्षकों के वेतन पर लगाई गई रोक को हटाने की मांग की।