बलरामपुर। एफटीसी द्वितीय ने जानलेवा हमला करने के अभियुक्त को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने आरोपी को 25 हजार रुपये अर्थदंड भी अदा करने का आदेश दिया है।
विशेष लोक अभियोजक हेमंत कुमार शुक्ल ने बताया कि नगर कोतवाली में नौ अक्तूबर 2021 को ग्राम खखरेभारी निवासी अतवारी ने प्रार्थनापत्र देकर बताया था कि सुबह आठ बजे छीटू व गामा पुत्रगण खेलावन आए और गाली देने लगे। गाली देने से मना करने पर उन लोगों ने जान से मारने की नियत से अतवारी का गला दबा दिया। ग्रामीणों ने किसी तरह जान बचाई।
पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचक ने प्रथमदृष्टया जान से मारने की नियत से हमला करने व गैंगस्टर एक्ट का दोषी मानते हुए छीटू व गामा के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। परीक्षण के दौरान गामा के अनुपस्थित होने से उसकी पत्रावली न्यायालय ने अलग करते हुए छीटू के विरुद्घ कार्यवाही शुरू की। सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने छह गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद एफटीसी द्वितीय जहेंद्र पाल सिंह ने छीटू को जान से मारने के नियत से अतवारी पर हमला करने का दोषी मानते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास व 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी छीटू को सात माह अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। न्यायाधीश ने छीटू को गैंगस्टर एक्ट के आरोपों से साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। विदित हो कि छीटू व गामा के न्यायालय में अनुपस्थित न होने पर उनके विरुद्घ जारी गैर जमानती वारंट पर पकड़ने गए पूरबटोला चौकी प्रभारी सुनील पाल व अन्य पुलिसकर्मियों पर दोनों भाइयों ने हमला कर दिया था।