बलरामपुर। वर्षा जल का संचय करने से मानव के साथ जीव-जंतुओं व पेड़-पौधों सभी की प्यास बुझेगी। विश्व भूजल दिवस पर सोमवार को जिले में वर्षा जल का संचय करने के लिए वाहन जागरुकता रैली निकाली गई।
डीएम, सीडीओ, डीडीओ व एक्सईएन जलनिगम ने कलेक्ट्रेट परिसर से जागरुकता वाहन रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिले के सभी नौ ब्लॉकों में भ्रमण कर जागरुकता वाहन रैली लोगों को वर्षा जल का संचय करने में जागरुक करेगी। कलेक्ट्रेट के एनआईसी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वर्षा जल संचयन के संबंध में दिए गए भाषण का लाइव प्रसारण दिखाया गया।
जागरुकता वाहन रैली को रवाना करते हुए डीएम श्रुति ने कहा कि वर्षा जल संचित करने में लोगों को जागरुक करने के लिए जलनिगम का प्रयास अत्यंत सराहनीय है। बारिश की एक-एक बूंद बेशकीमती है इसलिए हम सभी को वर्षा का जल संचित करने की जरुरत है।
डीएम ने मौके पर मौजूद लोगों को जल संचय करने की शपथ दिलाई। सीडीओ रिया केजरीवाल ने कहा कि जिले के सभी नौ ब्लॉकों में वर्षा जल संचयन के लिए सभी बीडीओ, एडीओ व ग्राम पंचायत सचिवों को विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है।
एक्सईएन जन निगम मनोज कुमार सिंह ने कहा कि जिले में लोगों को वर्ष जल का संचयन करने के लिए जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। जल जीवन मिशन के जल निगम की तरफ से हर घर नल का इंतजाम किया जा रहा है। वर्षा का जल संचय करो, जहां भी गिरे और जब भी गिरे थीम पर अभियान चलाया जाएगा।
छत के पानी का एकत्रीकरण कर वर्षा जल को जुटाया जा सकता है। इस प्रणाली में घर, स्कूल व कार्यालयों के छतों पर गिरने वाले वर्षा जल को एल्युमिनियम, आयरन व कंकरीट की बनी टंकियों में एकत्रित करके घरेलू प्रयोग में लाया जा सकता है।
बांध व लघु बांध बनाकर वर्षा जल को बड़े पैमाने पर एकत्रित किया जा सकता है जिसे गर्मी के महीनों में खेती, बिजली उत्पादन और घरेलू प्रयोग में लिया जा सकता है। जमीन पर किसी संरचना का निर्माण कर जिसमें जल एकत्र किया जा सके उसे जल संग्रह जलाशय कहते है। इस प्रक्रिया में बारिश के पानी को तालाबों और छोटे-छोटे पानी के श्रोतों में जमा किया जा सकता है।