बलरामपुर। साहब! मजदूरी कर किसी तरह परिवार का पेट पाल रहा हूं। भूमिहीन होने के कारण पक्का मकान नहीं बनवा सकता। गुहार लगाने पर आवास दिलवाने के नाम पर लेखपाल ने एक हजार रुपए ले लिए। अब वह फिर पैसा मांग रहा हैं। यह आरोप शनिवार को तुलसीपुर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे गोदहना जानकीनगर निवासी दुदुस ने मौजूद अफसरों के समक्ष प्रस्तुत शिकायत पत्र में कही।
समाधान दिवस की अध्यक्षता कर रहे एसडीएम अभय कुमार सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राजस्व विभाग के स्तर से इस मामले की जांच का आदेश दिया है। इसी इलाके के रनियापुर बनगाई निवासी ननके ने शिकायत कर बताया कि घर के सामने विपक्षीगणों ने कब्जा कर आने जाने का रास्ता तक बंद कर दिया है। लगातार शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। कोतवाली जरवा के ग्राम पंचायत पिपरा दुर्गानगर के मनीराम, भगवानदीन, संत कुमार व चमन आदि ने ग्राम पंचायत में खलिहान की जमीन पर हुए अवैध कब्जे को हटवाने की मांग की। इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी गैंसड़ी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, बीएसए व बीईओ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
उतरौला तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में नगर पालिका के कर्मचारी रवि कुमार, अर्जुन, शिब्बू, गोविंद, राम सरन व रोहित आदि ने शिकायत दर्ज कराई कि उनका ईपीएफ का पैसा तो वेतन से काट तो लिया जाता है लेकिन ईपीएफ एकाउंट में जमा नहीं किया जा रहा है।
-जिले के तीनाें तहसीलों में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में दर्ज हुई कुल सौ शिकायतों में से सिर्फ 14 मामले ही पक्षकारों की सहमति के आधार पर निस्तारित कराए गए। तुलसीपुर में आए 36 प्रार्थना पत्रों में से 8 मामले का निस्तारण हुआ। इसी तरह उतरौला तहसील में 28 में से एक तथा सदर तहसील में 36 में से पांच का ही निस्तारण हो सका।