बलरामपुर। राज्य सरकार की अभ्युदय कोचिंग योजना ने एक बार फिर अपनी उपयोगिता साबित कर दी है। इस योजना के तहत अध्ययनरत जिले के चार छात्रों ने यूपीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा-2025 में सफलता हासिल कर अपने सपनों को उड़ान दी है। जरूरतमंद और सामान्य परिवार से आने वाले इन छात्रों की उपलब्धि ने क्षेत्रवासियों का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।
गैसड़ी व पचपेड़वा क्षेत्र के अनुसूचित जाति के अत्यंत सीमित आय वाले परिवारों से आने वाली अंजली गौतम और रिंकू आर्य ने यूपीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में सफल होकर यह दिखा दिया कि संघर्ष की राह पर मेहनत ही सबसे बड़ा सहारा है। वहीं गौरा क्षेत्र के उमेश और इंद्रदेव जो सामान्य वर्ग से हैं, ने भी लगातार अनुशासन और दृढ़ निश्चय के बल पर अपनी मंजिल पाई है।
अभ्युदय कोचिंग योजना उन छात्रों के लिए सहारा बनी है जिनके पास प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के पर्याप्त साधन नहीं हैं। यहां अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन, अध्ययन सामग्री, डिजिटल क्लास और नियमित मूल्यांकन की सुविधा मिलती है, जिससे छात्रों को बेहतर माहौल में पढ़ाई का अवसर मिलता है। इसी सहयोग के बल पर इन चारों युवाओं ने यूपी की प्रतिष्ठित परीक्षा में अपनी जगह बनाई।
अंजली गौतम की मां ने कहा कि घर के हालात कठिन थे, लेकिन बेटी ने अपनी मेहनत और दृढ़ इच्छा से सफलता पाई। वहीं उमेश और इंद्रदेव के परिजनों ने भी बताया कि आर्थिक चुनौती के बावजूद बच्चों ने पढ़ाई में कोई समझौता नहीं किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र के युवाओं में नई प्रेरणा का संचार हुआ है।
मेधावियों को पढ़ाई, रहना और भोजन की सुविधा
जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ. राहुल गुप्ता ने बताया कि यूपीपीएससी प्री-2025 में सफल हुए चारों छात्रों को अब लखनऊ स्थित अभ्युदय कोचिंग केंद्र पर मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार की तैयारी निशुल्क कराई जाएगी। छात्रों के लिए रहने और भोजन की पूरी व्यवस्था भी बिना किसी शुल्क के उपलब्ध होगी, ताकि वे बिना किसी आर्थिक बोझ के अपनी पढ़ाई पर पूरी तरह ध्यान दे सकें।
छात्रों की सफलता पूरे जिले के लिए गर्व की बात है। मुख्य परीक्षा की तैयारी के दौरान अभ्युदय कोचिंग उन्हें मार्गदर्शन और सभी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, ताकि वे अंतिम चयन तक पहुंच सकें।
सचिन सिंह, जिला कोऑर्डिनेटर अभ्युदय कोचिंग