जरवा। सुहेलवा वन्यजीव प्रभाग के तुलसीपुर रेंज के मचड़ी नेवलगढ़ गांव में मंगलवार रात बाघ ने गोशाला में खूंटे से बंधे दो वर्षीय बछड़े को मारकर अपना निवाला बना लिया। घटना के बाद गांव में दहशत फैल गई है। ग्रामीणों ने दस दिन से बिजली आपूर्ति ठप होने को घटना की बड़ी वजह बताते हुए नाराजगी जताई।
पशुपालक आनंद मिश्रा ने बताया कि मंगलवार शाम मवेशियों को चराने के बाद गोशाला में बांध दिया था। बुधवार सुबह गोशाला पहुंचे तो गाय सहमी हुई एक कोने में खड़ी थी, जबकि दो वर्षीय बछड़ा मृत पड़ा था। उसके गर्दन, पेट और थन का हिस्सा बाघ खा चुका था। मौके पर बाघ के कई पदचिह्न भी मिले।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि गांव में पिछले दस दिनों से बिजली आपूर्ति ठप है। अंधेरे का फायदा उठाकर बाघ रिहायशी इलाकों तक पहुंच रहा है और पालतू मवेशियों को निशाना बना रहा है। ग्रामीणों ने जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने के साथ वन विभाग से प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था कराने की मांग की।
पड़ोसी रमाकांत और पप्पू ने बताया कि गोशाला घर के बिल्कुल पीछे है, लेकिन रात में किसी को बाघ के आने की भनक तक नहीं लगी। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
बाघ ठिकाना बदलकर कर रहा हमले : रेंजर
सूचना पर रेंजर अमरजीत प्रसाद, वन दरोगा अखिलेश गुप्ता, वाचर जाहिद और इरफान मौके पर पहुंचे। वन विभाग ने ग्रामीणों से रात में घरों के आसपास रोशनी रखने, ब्लिंकर लाइट लगाने, छोटे बच्चों को अकेला नहीं छोड़ने और सतर्क रहने की अपील की।
रेंजर अमरजीत प्रसाद ने बताया कि हलौरा ईदगाह पर पिंजरा लगाया गया है, लेकिन बाघ लगातार अपना ठिकाना बदलकर हमले कर रहा है।