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Balrampur News: खेल के मैदान से सटे खेत में दिखा तेंदुआ, दहशत में भागे बच्चे

Fri, 02 Jan 2026 11:04 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
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भुजेहरा चौराहे के पास तेंदुआ निकलने के बाद एकत्र ग्रामीण।
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हरैया सतघरवा। सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग बरहवा रेंज की ग्राम पंचायत भुजेहरा में उस समय सनसनी फैल गई, जब गेहूं के खेत में तेंदुआ दिखाई दिया। घटना के समय चौराहे के पास मैदान में क्रिकेट टूर्नामेंट चल रहा था, जिसमें छोटे-छोटे बच्चे खेल रहे थे। तेंदुए को खेत में घूमते देख अफरा-तफरी मच गई और बच्चे इधर-उधर भागने लगे। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने शोर मचाते हुए लाठी-डंडों के साथ तेंदुए को खेत से बाहर खदेड़ने का प्रयास किया। हांका लगाए जाने पर तेंदुआ भागते हुए चौराहे के पास हृदयराम के गन्ने के खेत में घुस गया। दिन में ही तेंदुआ दिखने से गांव में दहशत का माहौल है।
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ग्रामीण जहीर ने बताया कि बीते मंगलवार की रात भी यहीं से कुछ दूरी पर स्थित खैरहनिया गन्ना क्रय केंद्र के पास तेंदुआ फूस के मड़हे में घुस गया था। शोर मचाने और ट्रक की लाइट जलाने पर वह वहां से भाग गया था। क्षेत्र के टेढ़ीप्रास, डेरवा, खैरहनिया, लैबुड़वा, पूरनपुर, कमदा, भुजेहरा, लछुआपुर, गंजड़ी व नरायनपुर आदि गांवों में आए दिन तेंदुआ दिखता है। तेंदुए के डर से लोग खेतों में जाने से डर रहे हैं। बच्चों को लेकर अभिभावक खासे चिंतित हैं।
बरहवा रेंज के रेंजर बृजेश सिंह परमार ने बताया कि सूचना मिलते ही वह वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। शाम तक इलाके में कॉम्बिंग कराई गई, लेकिन तेंदुआ नहीं मिला। रेंजर ने ग्रामीणों को सतर्क करते हुए कहा कि ठंड और कोहरे के मौसम में गन्ने व गेहूं की फसल के बीच तेंदुए की गतिविधियां बढ़ जाती हैं। उन्होंने किसानों को समूह के साथ खेत में जाने, झाड़ियों की सफाई रखने, पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने और बच्चों को अकेले बाहर न भेजने की सलाह दी। वन विभाग की टीम क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रही है।
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पहले भी हो तेंदुआ कर चुका है हमला
बरहवा रेंज क्षेत्र में तेंदुए की दहशत नई नहीं है। इससे पहले भी महाराजगंज तराई क्षेत्र के बेला गांव के मजरे कौवा में खेत में सिंचाई करने गए किसान पर तेंदुए ने झपट्टा मार दिया था। उस दौरान गन्ने के खेत से निकले दो तेंदुओं में से एक किसान की ओर लपका, लेकिन खेत की रखवाली के लिए लगी जाल में फंस गया, जिससे किसान की जान बच गई थी। शोर मचाने पर दूसरा तेंदुआ गन्ने के खेत में छिप गया था। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने जाल में फंसे तेंदुए को पकड़ लिया था। ग्रामीणों के अनुसार, साखीरेत, बरगदही, कौवा, चंदनजोत और किठूरा सहित 25 से अधिक गांवों में पिछले कई महीनों से तेंदुओं की आवाजाही बनी हुई है। इस दौरान कई पालतू मवेशी और कुत्ते तेंदुए का शिकार बन चुके हैं। घटना के बाद से क्षेत्र के किसान और ग्रामीण खासे सहमे हुए हैं।

तेंदुए व बाघ के मिले पगचिह्न
बलरामपुर। पचपेड़वा ब्लॉक के भांभर रेंज क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटना के बाद वन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। विभाग ने ड्रोन कैमरे के माध्यम से संवेदनशील गांवों में तेंदुए और बाघ की गतिविधियों पर निगरानी शुरू कर दी है। पैदल ट्रैकिंग के दौरान तेंदुए और बाघ के पगचिह्न मिले हैं।

डीएफओ गौरव गर्ग ने बताया कि शुक्रवार को वन विभाग की टीम ने सुबह 6 बजे से 10 बजे तक बेलभरिया एसएसबी कैंप से रेहरा और रेहरा से बनगंवा तक लगभग सात किलोमीटर पैदल ट्रैकिंग की। इस दौरान जंगल के भीतर कई पगचिह्न मिले, जिससे तेंदुए व बाघ के उपस्थिति की पुष्टि हुई। वहीं, एसएसबी और पुलिस के साथ मिलकर वन विभाग की टीम ने विशुनपुर, परसरामपुर और बनगंवा गांवों में भी पैदल गश्त किया। मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए रेहरा और बेलभरिया बीट में जालीदार ट्रैक्टर और अन्य वाहनों से लगभग 30 किलोमीटर तक सुरक्षात्मक गश्त की गई। बैनर, पोस्टर, ई-रिक्शा और लाउडस्पीकर के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक को लगातार जागरूक किया जा रहा है। (संवाद)

भुजेहरा चौराहे के पास तेंदुआ निकलने के बाद एकत्र ग्रामीण।

भुजेहरा चौराहे के पास तेंदुआ निकलने के बाद एकत्र ग्रामीण।

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