रेहरा गांव निवासी हवलदार तिवारी ने सीजेएम न्यायालय में धारा 156 (3) के तहत प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि उनके भाई परमेश्वर दत्त की जमीन ग्राम सोनापार, किरतापुर और रेहरा में स्थित है। जमीन की वर्तमान कीमत करोड़ों में है।
उन्होंने कोर्ट को बताया कि परमेश्वर दत्त अविवाहित थे और पंजाब में रहकर काम करते थे। वर्ष 2000 में वे तीर्थ यात्रा पर गए और वहीं से लापता हो गए। आरोप है कि इसी का फायदा उठाकर राज किशोर मिश्रा ने साजिश रची। संबंधित गांवों के हल्का लेखपालों से मिलीभगत कर परमेश्वर दत्त को मृत दर्शाया। दीपक और ज्ञान प्रकाश को पुत्र व विमला देवी को पत्नी के रूप में वरासत दर्ज करा दी। इसके बाद राज किशोर मिश्र की पत्नी सुमन, संत राम (पूर्व ग्राम प्रधान) तथा नरसिंह पाल यादव (जिला पंचायत सदस्य) के नाम जमीन का बैनामा करा दिया।
हवलदार मिश्रा ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष सभी साक्ष्य और दस्तावेज प्रस्तुत किए। प्रारंभिक सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश जारी किया।
अब तक दर्ज नहीं हुई प्राथमिकी
हवलदार का कहना है कि न्यायालय से 19 फरवरी को आदेश हुआ। 22 फरवरी को प्रभारी निरीक्षक को आदेश की प्रतिलिपि भी प्राप्त हो गई। अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता के कारण कार्रवाई में विलंब हो रहा है। तय समय में एफआईआर नहीं हुई तो फिर न्यायालय जाएंगे।
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कोर्ट का आदेश मिला है, जल्द दर्ज होगी एफआईआर
बैनामे के फर्जीवाड़े में कोर्ट का आदेश मिल गया है। उसका परीक्षण किया जा रहा है। जल्द ही मामले की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की जाएगी। न्यायालय के आदेश का पालन किया जा रहा है। एफआईआर की कॉपी भी कोर्ट को उपलब्ध कराई जाएगी।
दुर्गेश कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक रेहरा बाजार