बलरामपुर। जिले के 1,82,800 किसानों को पीएम सम्मान योजना के तहत प्रथम, द्वितीय व तृतीय किस्तों के रुप में 109.68 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है। जिले के 75,556 किसानों को अभी तक योजना की कोई किस्त नहीं मिल सकी है। योजना का लाभ पाने के लिए किसानों को दफ्तरों के चौखट का चक्कर काटना पड़ रहा है। योजना में फीडिंग के बाद आधार नंबर, बैंक खाता संख्या, खतौनी व नामों में गलती का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
19 नवंबर को पुलिस लाइंस सभागार में सीएम योगी आदित्यनाथ को कृषि विभाग की तरफ से जिले के प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध उपलब्ध कराई गई। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि जिले में कुल 2,95,032 किसानों की कुल संख्या है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में जिले के 2,76,472 किसानों का चयन किया गया है।
लघु व सीमांत किसानों की जिले में कुल संख्या 2,70,000 है। योजना का लाभ दिलाने के लिए 2,67,695 किसानों को डाटा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के वेब पोर्टल पर लाक्ड कर दिया गया है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में जिले के 8,777 किसानों को शामिल नहीं किया जा सका है। जिले के 2,00,916 किसानों को प्रथम किस्त, 1,86,479 किसानों को द्वितीय किस्त और 1,61,006 किसानों को तृतीय किस्त के रूप में 109.68 करोड़ रुपये का भुगतान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के वेब पोर्टल के माध्यम से सीधे बैंक खातों में कर दिया गया है।
प्रथम, द्वितीय व तृतीय किस्त पाने के बाद भी जिले के 1,59,961 किसानों के ब्योरे में पोर्टल पर गलतियां दिखाई जा रही हैं। इन किसानों के आधार नंबर, बैंक खाता नंबर, खतौनी व नामों में गलतियां दर्शायी जा रही हैं। सदर ब्लॉक में 28250, हरैया सतघरवा में 22984, गैसड़ी में 19940, पचपेड़वा में 16170, श्रीदत्तगंज में 13702, उतरौला में 11024, तुलसीपुर में 21208, रेहरा बाजार में 16760 और गेड़ास बुर्जुग में 9907 किसानों के बैंक खाता नंबरों, आधार नंबरों व खतौनी आदि में गड़बड़ी पाई गई है।
जिले के 75,556 किसानों के प्रथम, 89,993 किसानों के द्वितीय और 1,15,466 किसानों के तृतीय किस्तों का भुगतान अभी तक अधर में लटका हुआ है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का दो-दो हजार रुपयों के किस्तों का भुगतान पाने के लिए किसानों को दफ्तरों के चौखट का चक्कर काटना पड़ रहा है। किसानों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में किस्त मिलने के बाद गड़बड़ी कैसे आई है।
उप कृषि निदेशक डॉ. प्रभाकर सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में किसानों के नाम, बैंक खाता संख्या, आधार नंबर व खतौनी दुरुस्त कराने के लिए विभाग के 76 प्राविधिक सहायकों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इन सभी कर्मचारियों को गांव-गांव भेजकर किसानों का पूरा ब्योरा जुटाया जा रहा है।
कृषि भवन में गड़बड़ी दुरुस्त कराने के लिए काउंटर भी संचालित करा दिया गया है। किसानों से लगातार यह अपील की जा रही है कि अपने नजदीक के जनसेवा केंद्रों, लोकवाणी केंद्रों व साइबर कैफे से गड़बड़ी दुरुस्त करा लें। स्मार्टफोन, लैपटॉप व कंप्यूटर से भी किसान स्वयं मिसमैच सही कर सकते हैं।