फोटो-29-बलरामपुर के रामनगर सहकारी समिति पर ओटीपी आने के बाद खाद लेने के लिए पहुंचे किसान ।-संव
बलरामपुर। खेतों में पर्याप्त नमी आने के बाद खरीफ सीजन की गतिविधियां तेज हो गई हैं। गन्ना और सब्जी की फसलों को बारिश से लाभ मिला है, जबकि धान की रोपाई भी रफ्तार पकड़ने लगी है। इसके साथ ही गन्ना और धान की फसलों में यूरिया के छिड़काव के लिए किसान साधन सहकारी समितियों और निजी उर्वरक विक्रेताओं के यहां पहुंच रहे हैं। प्रशासन की ओर से शुरू की गई मोबाइल संदेश से खाद देने की प्रक्रिया से किसानों को सहूलियत मिली है। वहीं खाद संकट भी कम हुआ है।
सहकारिता विभाग के अनुसार जिले की सभी 74 साधन सहकारी समितियों और 81 निजी उर्वरक विक्रेताओं के यहां फिलहाल पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए समितियों के सदस्य किसानों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर उर्वरक वितरण की तिथि, समय और निर्धारित मात्रा की जानकारी संदेश के माध्यम से भेजी जा रही है। सहायक उप निबंधक सहकारिता विजय मिश्र ने बताया कि जिले की समितियों में करीब 68 हजार किसान सदस्य पंजीकृत हैं। इनमें से 66 हजार किसानों को मोबाइल संदेश भेजा जा चुका है और अधिकांश किसान अपनी-अपनी समितियों से उर्वरक प्राप्त भी कर चुके हैं। वर्तमान में समितियों पर 957 मीट्रिक टन यूरिया, 431 मीट्रिक टन डीएपी तथा 12 मीट्रिक टन एनपीके का स्टॉक उपलब्ध है। इसके अलावा निजी विक्रेताओं के यहां भी पर्याप्त मात्रा में यूरिया और डीएपी उपलब्ध है। उन्होंने किसानों से निर्धारित प्रक्रिया के तहत उर्वरक प्राप्त करने की अपील की है। सिसई समिति पर किसानों ने शनिवार को खाद ली, किसान मोबाइल पर आए संदेश हिसाब से पहुंचे और उन्हें आसानी से खाद मिली। किसान हरीश कुमार, राकेश आदि ने कहाकि इस सुविधा से काफी राहत है। अब भीड़ नहीं रहती है और आसानी से खाद मिल रही है।