फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

66 बेरोजगार कर रहे ऋण का इंतजार

विज्ञापन
विज्ञापन
बलरामपुर। उद्योग विभाग की तरफ से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा रोजगार योजना व एक जनपद, एक उत्पाद योजना के तहत चयनित 66 आवेदकों की फाइल मंजूरी के लिए बैंकों में भेजी गई है। उद्योग विभाग के चयनित बेरोजगारों को स्वरोजगार के लिए बैंकों से 1.59 करोड़ रुपये का ऋण पाने का इंतजार है। चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक ऋण मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन

उपायुक्त उद्योग राजेश पांडेय ने बीते दिन बताया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 244 बेरोजगारों की 566.55 लाख ऋण वाली फाइलें मंजूरी के लिए बैंकों को भेजी गईं। बैंकों ने 84.80 लाख का ऋण देने के लिए 48 फाइलें स्वीकृत की।
बैंकों ने अब तक 31 लाभार्थियों को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 53.87 लाख का ऋण वितरित कर दिया है। बैंकों ने 419.71 लाख वाली 169 फाइलें निरस्त कर दी हैं। 65.81 लाख वाली 31 लाभार्थियों की फाइलें लंबित हैं।
विज्ञापन

वहीं, मुख्यमंत्री युवा रोजगार योजना में 350.47 करोड़ वाली 164 फाइलें बैंकों में स्वीकृति के लिए भेजी गईं। 71.44 लाख वाली 44 फाइलें बैंकों ने स्वीकृत कर ली हैं। 32 लाभार्थियों को 48.94 लाख का ऋण लाभार्थियों को वितरित कर दिया है। 228.82 लाख वाली 98 लाभार्थियों की फाइलें निरस्त कर दी है। मुख्यमंत्री युवा रोजगार योजना में चालू वित्तीय वर्ष की 45 लाख वाली 22 लाभार्थियों की फाइलें बैंकों में लंबित हैं।
एक जनपद, एक उत्पाद योजना में 227.05 लाख रुपये का ऋण दिलाने के लिए बैंकों को 50 फाइलें भेजी गईं। 117.75 लाख वाली 18 फाइलें स्वीकृत कर लीं। 105.25 लाख वाले 16 लाभार्थियों को ऋण वितरित कर दिया है। इस योजना में बैंकों ने 61.67 लाख की 19 फाइलें निरस्त कर दी हैं। 47.63 लाख की 13 फाइलें बैंकों में लंबित हैं। केंद्र व प्रदेश सरकार की अति महत्वाकांक्षी तीनों योजनाओं में लाभार्थियों को बैंकों से ऋण दिलाने के लिए पैरवी की जा रही है।
सीडीओ अमनदीप डुली ने बताया कि उद्योग विभाग की तरफ से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा रोजगार योजना व एक जनपद, एक उत्पाद योजना के तहत चयनित सभी लाभार्थियों को स्वरोजगार के लिए बैंकों से ऋण देने को कहा गया है। बैठक कर सभी बैंकों के प्रतिनिधियों को तीनों योजनाओं के चयनित उद्यमियों को निजी कारोबार करने के लिए ऋण देने में हीलाहवाली न बरतने का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें