किसानों को 22 अरब के ऋण का होगा वितरण
बलरामपुर। जिले के किसानों को 21.94 अरब रुपये का ऋण वितरित करने का प्रस्ताव रखा गया है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में किसानों का जीवन स्तर सुधारने की कवायद शुरू की गई है। 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के महत्व को ध्यान में रखते हुए फसली व अन्य ऋण देने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है।
कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में गुरुवार को किसानों के उत्थान संबंधी बैंकिंग सुविधाओं के प्रस्ताव पारित किए गए। कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को बैठक का संचालन करते हुए जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड अरुण कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक की तरफ से वित्तीय वर्ष 2019-20 में किसानों को ऋण उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव तैयार किए गए है।
जिले के किसानों को अगले वित्तीय वर्ष में ऋण देने के लिए 21 अरब 94 करोड़ 36 लाख 12 हजार रुपये का प्रस्ताव रखा गया है जो चालू वित्तीय वर्ष 2018-19 के सापेक्ष 12.89 प्रतिशत अधिक है। अगले वित्तीय वर्ष की जिला ऋण योजना इसी पीएलपी अर्थात संभाव्यतायुक्त ऋण योजना के आधार पर तैयार की जाएगी।
संभावित ऋण योजना तैयार करते समय रिजर्व बैंक व नाबार्ड की तरफ से जारी दिशा-निर्देशों के साथ-साथ राज्य व केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं तथा स्थानीय प्रशासन की प्राथमिकताओं का विशेष ध्यान रखा गया है। 2022 तक किसानों की आय दोगनी करने के महत्व को समझते हुए फसली ऋण पर 13.72 अरब रुपये, कृषि और संबंधित गतिविधियों के लिए 40 अरब, आठ करोड़ 85 लाख चार हजार के सावधि ऋण का आकलन किया गया है।
कृषि आधारभूत संरचना के लिए 32.93 करोड़, कृषि सहायक गतिविधियों के लिए 40.87 करोड़, सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम क्षेत्र के लिए 1.63 अरब 20 लाख रुपये, निर्यात शिक्षा आवास के लिए 93.40 करोड़, नवीकरणीय ऊर्जा के लिए 3.86 करोड़ रुपये, अनौपचारिक ऋण वितरण प्रणाली के लिए 75.25 करोड़ तथा सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 3.66 करोड़ रुपये बैंक ऋण की संभावना का आकलन किया गया है। बैठक की अध्यक्षता डीडीओ गिरिश कुमार पाठक ने की।
बैठक को आरबीआई के अग्रणी जिला अधिकारी प्रहलाद सिंह, एलडीएम डॉ. आरएम विशनोई तथा सर्व यूपी ग्रामीण बैंक आरएम शील चंद्र सिंह ने भी किसानों के ऋण योजना के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर अन्य कई लोग मौजूद रहे।