बलरामपुर। छोटे और सीमांत किसानों के लिए चलाई जा रही पीएम किसान सम्मान निधि योजना में अपात्रों की सेंध लगातार उजागर हो रही है। जिले में 427 ऐसे लाभार्थियों की पहचान हुई है, जिन्होंने आयकरदाता होने के बावजूद खुद को किसान बताकर योजना का लाभ लिया। कृषि विभाग ने अब तक इनसे 37 लाख 10 हजार रुपये की वसूली की है।
जांच में सामने आया कि ऐसे लोग भी किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे थे, जिनके पास सरकारी नौकरी है, पेंशन मिल रही है या वे इनकम टैक्स भरते हैं। योजना की गाइडलाइन के अनुसार दो हेक्टेयर से कम भूमि वाले छोटे और सीमांत किसानों को ही इसका लाभ मिलना चाहिए। साथ ही, लाभार्थी के नाम पर कोई नौकरी या पेंशन नहीं होनी चाहिए। (संवाद)
नोटिस देकर मांगा गया जवाब
कृषि विभाग ने ऐसे अपात्रों को को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। साथ ही गलत तरीके से मिली धनराशि की वसूली शुरू कर दी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, फर्जीवाड़े की जांच गहराई से की जा रही है और जल्द ही बड़ी संख्या में अपात्रों को चिह्नित कर रिकवरी की जाएगी।
की जाएगी वसूली
केंद्र सरकार ने किसान सम्मान निधि योजना के जरिए छोटे किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य रखा था। लेकिन, फर्जी दस्तावेज और गलत जानकारी देकर कई अपात्रों ने इसका लाभ उठाया। जिसने भी योजना का लाभ गलत तरीके से लिया है, उससे वसूली की जाएगी।
श्याम नरायन राम, उपकृषि निदेशक