बलरामपुर। कच्चे और जर्जर मकानों में रहने वाले गरीब परिवारों को जल्द ही पक्की छत मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले को 3339 आवासों का लक्ष्य आवंटित किया गया है। इनमें से अब तक 1030 आवासों को स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि शेष आवासों के लिए पात्र लाभार्थियों के चयन और स्वीकृति की प्रक्रिया जारी है।
परियोजना निदेशक (पीडी) विवेकानंद मिश्रा ने बताया कि योजना का लाभ पात्र और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। जिन परिवारों के पास अपना पक्का मकान नहीं है और जो योजना की निर्धारित पात्रता पूरी करते हैं, उन्हें इसके तहत आवास उपलब्ध कराया जाएगा। आवास स्वीकृत होने के बाद लाभार्थियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निर्माण कार्य के लिए किस्तों में धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है। इसके लिए लाभार्थियों के चयन से लेकर आवास स्वीकृति और निर्माण कार्य की प्रगति तक लगातार निगरानी की जा रही है। पात्रता के आधार पर शेष लक्ष्य को भी पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है।
पीडी ने कहा कि योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे, इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। आवास मिलने से गरीब परिवारों को कच्चे और जर्जर मकानों में रहने के साथ ही बारिश के दौरान होने वाली परेशानियों से भी राहत मिलेगी।