फोटो-13-बलरामपुर के महराजगंज तराई में हैंडपंप से पानी भरता ग्रामीण ।-संवाद
बलरामपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में खराब पड़े हैंडपंपों की बदहाली के खिलाफ अमर उजाला की तरफ से चलाए जा रहे अभियान का बड़ा असर हुआ है। 3263 खराब हैंडपंपों की मरम्मत कर उन्हें फिर चालू कर दिया गया है, जिससे ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने लगा है। वहीं शेष 5424 हैंडपंपों की मरम्मत के लिए पंचायत सहायकों को पत्र जारी कर तेजी से कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
जिले की 793 ग्राम पंचायतों में करीब 17 लाख की आबादी निवास करती है। गर्मी के मौसम और बढ़ते जल संकट को देखते हुए अमर उजाला की तरफ से खराब हैंडपंपों की के लिए अभियान चलाया गया। नौ ब्लॉकों के ग्राम पंचायतों में हैंडपंप की स्थिति को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। इसका असर यह हुआ कि सभी ग्राम पंचायतों में खराब पड़े हैंडपंपों की सूची ब्लॉकों जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय मंगवाई गई और उनके मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया गया है। ग्रामवासी राजकुमार ने बताया कि लंबे समय से गांव का हैंडपंप खराब पड़ा था, जिससे पानी के लिए परेशानी होती थी, लेकिन अब मरम्मत के बाद राहत मिली है। सुनीता देवी ने कहा कि कई दिनों से पानी की दिक्कत थी, अब हैंडपंप ठीक होने से काफी सुविधा हो गई है।
जिला पंचायत राज अधिकारी श्रेया उपाध्याय ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। 3263 हैंडपंपों की मरम्मत पूरी कर ली गई है, जबकि शेष हैंडपंपों को भी शीघ्र दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। पंचायत सहायकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।