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Balrampur News: कटानरोधी काम पर खर्च होंगे 2.75 करोड़ रुपये

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-बलरामपुर के ललिया क्षेत्र में बह रहा बाढ़ा का पानी।-फाइल फोटो
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बलरामपुर। कोड़री घाट के पास कटानरोधी कार्य कराने पर दो करोड़ 74 लाख 98 हजार रुपये खर्च होने हैं। 400 मीटर तक राप्ती नदी के किनारे कटान का खतरा बढ़ रहा है। राप्ती नदी के बाएं तट पर कटानरोधी कार्य की योजना तैयार की गई है। बजट मिलने का इंतजार है। बरसात से पहले कोड़री घाट से सेमरहना गांव तक के तटबंध की सुरक्षा के लिए कटानरोधी काम कराना अनिवार्य है।
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बलरामपुर प्रदेश में बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित जिलों में है, यहां तीन तहसील हैं और तीनों बाढ़ प्रभावित रहती हैं। जिले की राप्ती व बूढ़ी राप्ती नदी के साथ सोहेलवा जंगल से निकले 17 पहाड़ी नाले बरसात में कटान करते हैं। सेमरहना गांव की सुरक्षा के लिए राप्ती नदी के बाएं तट पर कोड़री घाट तटबंध के पास 400 मीटर में डैंपनर बनाने के साथ परक्यूपाइन बिछाने की कार्ययोजना तैयार की गई है। सदर तहसील के सेमरहना गांव के पास कोड़री घाट गाइड व एफलेक्स तटबंध स्थित है। यहां दो वर्ष से राप्ती नदी भीषण कटान कर रही है। ऐसी स्थिति में राप्ती नदी कोड़री घाट के तटबंध के साथ ही सेमरहना सहित कई गांव भी कटान की जद में आ जाएंगे। बरसात से पहले 400 मीटर लंबाई में 14 जियोबैग डैंपनर परक्यूपाइन लगाने की कार्ययोजना तैयार की गई है। (संवाद)


समय पर काम न हुआ तो बढ़ेगा खतरा
ग्रामीण शांतिभूषण, अयोध्या प्रसाद, राधेश्याम, बाबूराम व जटाशंकर बताते हैं कि बरसात से पहले कोड़री घाट से सेमरहना गांव तक कटानरोधी काम कराना अनिवार्य है। यदि समय पर कटानरोधी काम नहीं हुआ तो सेमरहना सहित कई गांवों के साथ कोड़री घाट पुल के किनारे तटबंध के कटान का खतरा बढ़ेगा।
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बाढ़ के समय छोड़ना पड़ता है गांव, फिर बढ़ने लगी धुकधुकी

सदर तहसील का कलंदरपुर गांव राप्ती नदी से चंद दूरी पर ही बसा है। हर साल बाढ़ के समय 15 जून के बाद से गांव छोड़ना पड़ता है। अभी तो स्थिति ठीक है लेकिन माॅनसून आने में 104 दिन ही शेष हैं, इससे लोगों की धड़कनें बढ़ी हैं। प्रधान विजय प्रताप बताते हैं कि मेरा गांव कोड़री घाट पुल के पूरब में है। बरसात के दौरान गांव के चारों तरफ राप्ती नदी के बाढ़ का पानी भर जाता है। गांव के लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है। सड़क व गांव के रास्तों पर बाढ़ का पानी भर जाता है। नाव से लोगों को सुरक्षित स्थान पर लाया जाता है।

बरसात से पहले काम पूरा कराने की तैयारी
कोड़री घाट के बाएं तट पर तटबंध के साथ सेमरहना सहित अन्य गांवों को राप्ती नदी के कटान से बचाने के लिए कार्य कराने की योजना तैयारी की गई है। कार्ययोजना को मंजूरी भी मिल गई है। बरसात से पहले काम पूरा कराया जाएगा।
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- संजय कुमार, एक्सईएन बाढ़ खंड
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