-बलरामपुर के ग्राम बनकटवा खुर्द में मनरेगा के तहत काम करते श्रमिक।-संवाद
बलरामपुर। मनरेगा के तहत 100 दिन काम करने वाले श्रमिकों को विभाग हुनरमंद बनाने के लिए इलेक्ट्रीशियन, नाई आदि क्षेत्र में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। पहले चरण के तहत करीब एक हजार लोगों को चिह्नित किया गया है। शासन के निर्देश पर मनरेगा मजदूरी करने वाले श्रमिकों का स्किल डेवलपमेंट किया जाएगा। प्रशिक्षण की समयावधि एक महीने की होगी।
सोमवार को उपायुक्त मनरेगा सुशील कुमार अग्रहरि ने मनरेगा कार्यों की समीक्षा की और हुनरमंद बनाने की दिशा में प्रयास तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि 100 दिन का काम करने वाले श्रमिकों को स्किल डेवलपमेंट को लेकर प्रशिक्षित किया जाएगा। इसकी कवायद चल रही है। जल्द ही ट्रेनिंग की तिथि निर्धारित कर दी जाएगी। इसके लिए इच्छुक श्रमिकों को सबसे पहले कौशल विकास मिशन की वेबसाइट पर पंजीयन कराना होगा।
इन ट्रेड में दी जाएगी ट्रेनिंग
स्किल डेवलपमेंट योजना के तहत नाई, इलेक्ट्रीशियन, विभिन्न प्रकार के प्रोफेशनल कंप्यूटर कोर्स, इलेक्ट्रॉनिक, हेल्थ केयर, मोटर वाहन आदि का प्रशिक्षण दिया जाएगा। महिला श्रमिकों को ब्यूटीशियन व सिलाई-कढ़ाई की ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रशिक्षण 30-30 का बैच बनाकर दिया जाएगा।
स्थायी रोजगार से जोड़ना है उद्देश्य
डीसी मनरेगा ने बताया कि इसका उद्देश्य श्रमिकों को स्थायी रोजगार के अवसरों से जोड़ना है। स्किल से संबंधित विभिन्न ट्रेडों का प्रशिक्षण प्राप्त करके मनरेगा श्रमिकों को आर्थिक स्वावलंबन मिलेगा। इससे उनका आर्थिक स्तर ऊंचा उठेगा। इसका सीधा लाभ उनके पूरे परिवार को मिलेगा।