बलरामपुर। आज विश्व मधुमेह दिवस है। आज स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कई जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करके लोगों को शुगर बीमारी के बारे में जानकारी दी जाएगी। पिछले छह महीने में 2700 शुगर मरीज चिन्हित किए गए हैं। इसमें 1500 पुरुष तथा 1200 महिला मरीज शामिल हैं। मधुमेह (डायबिटीज) एक मेटाबॉलिक डिसऑर्डर है। जब इंसुलिन लेवल गड़बड़ाता है तो लोगों में मधुमेह बीमारी सामने आती है।
जिला मेमोरियल चिकित्सालय के कमरा नंबर दो में गैर संचारी रोग (एनसीडी) कार्यक्रम के तहत क्लीनिक संचालित हो रहा है। क्लीनिक पर जनरल फिजीशियन डॉ. ऋषि श्रीवास्तव मरीजों का उपचार करते हैं। डॉ. ऋषि श्रीवास्तव की माने तो एनसीडी क्लीनिक पर पिछले छह महीने में 2700 शुगर मरीज चिन्हित किए गए हैं। इसमें 1500 पुरुष तथा 1200 महिला मरीज शामिल हैं। उन्होंने बताया कि शुगर बीमारी से चिन्हित हुए है मरीजों की जांच, उपचार डाइट संबंधित परामर्श नियमित दिया जाता है। इसके अलावा शुगर के मरीजों को योग अपनाने की भी सलाह दी जाती है।
एसीएमओ व गैर संचारी रोग के नोडल डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मधुमेह बीमारी दो प्रकार की होती है। टाइप वन और टाइप टू। आमतौर पर टाइप वन बचपन में हो जाती है जो वंशानुगति मानी जाती है। जबकि टाइप टू लाइफस्टाइल में बदलाव, खान-पान पर ध्यान न देने, मोटापा तथा बढ़ती उम्र की वजह से होती है। खाली पेट रहने पर नार्मल व्यक्ति का शुगर लेवल 100 के नीचे होता है। वहीं जब शुगर का लेवल 125 से ऊपर हो जाता है तब वह व्यक्ति डायबिटीज की चपेट में आ जाता है।
मधुमेह का यह है लक्षण
- ज्यादा प्यास लगना, ज्यादा भूख लगना, वजन कम होना, पेशाब ज्यादा आना आमतौर मधुमेह का लक्षण माना जाता है। शुगर का लेवल बढ़ने पर प्राय: मरीजों के पेशाब में इंफेक्शन होने तथा गुर्दा फेल होने की भी समस्या सामने आती है।