बलरामपुर। जिले में 56 करोड़ की स्वीकृति लागत वाली 24 पेयजल परियोजनाएं शासन से बजट न मिलने से लटकीं हुई हैं। कार्यदायी संस्था जलनिगम को पानी की टंकियों का निर्माण कराने के लिए शासन से अभी तक सिर्फ 20 करोड़ की धनराशि मिल सकी है।
परियोजनाओं को पूरा कराने के लिए कार्यदायी संस्था को शासन से 36 करोड़ का बजट पाने का इंतजार है। कार्ययोजना में आठ सोलर आधारित व 16 परियोजनाएं बिजली से चलाने की तैयारी है। शुद्ध पेयजल की परियोजनाएं चालू होने पर जिले के 24 ग्राम पंचायतों के सवा लोगों की सेहत दुरुस्त रहेगी। सभी परियोजनाएं 5-5 हजार आबादी वाले ग्राम पंचायतों में निर्माण हो रही हैं।
कार्यदायी संस्था जलनिगम की तरफ से हार्ड एरिया व अशुद्ध पानी वाले जिले के 24 ग्राम पंचायतों में पाइप पेयजल के जल शक्ति परियोजना के तहत 55.9683 करोड़ की लागत से पानी की टंकियों का निर्माण कराया जा रहा है।
पानी की टंकियों का निर्माण कराने के लिए कार्यदायी संस्था को 19.9249 करोड़ की धनराशि शासन से मिली है जबकि 36.0424 करोड़ रुपये पाने का कार्यदायी संस्था इंतजार कर रही है।
एक्सईएन जलनिगम मनोज कुमार सिंह ने बताया कि जल शक्ति मिशन योजना के तहत थारु जनजाति वाले क्षेत्र के सात ग्राम पंचायतों में सोलर आधारित पेयजल परियोजना का निर्माण कराया जा रहा है। आठ ग्राम पंचायतों में बिजली से चलने वाली परियोजनाओं का निर्माण कार्य किया जा रहा है।
15 परियोजनाओं पर शासन से स्वीकृति बजट 28.2148 करोड़ की तुलना में 6.0487 करोड़ बजट मिला है और 22.1661 करोड़ बजट मिलने का इंतजार है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम से नौ पाइप पेयजल परियोजनाओं का निर्माण कराने के लिए शासन से स्वीकृति बजट 27.7525 करोड़ की तुलना में सिर्फ 13.8762 करोड़ मिला है।
परियोजनाओं को पूरा कराने के लिए शासन से 13.8763 करोड़ बजट मिलने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। द्वितीय किश्त न मिलने से सभी नौ परियोजनाओं का निर्माण कार्य बंद पड़ा है। पानी की टंकियां चालू होने से पांच-पांच हजार आबादी वाले ग्राम पंचायतों सवा लाख लोगों को शुद्घ पानी पीने का लाभ मिलेगा जिससे सेहत दुरुस्त रहेगी।