बलरामपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने के उद्देश्य से जननी सुरक्षा योजना चलाई जा रही है। नौ महीनों में जिले की 23 हजार 789 प्रसूताओं को योजना का लाभ दिया गया है। शेष 4284 प्रसूताओं को शीघ्र ही खाता खुलवाकर योजना का लाभ दिया जाएगा।
यह जानकारी देते हुए जननी सुरक्षा योजना के नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ. बीपी सिंह ने बताया कि योजना के तहत अस्पताल में प्रसव होने पर ग्रामीण महिला को 1400 रुपये और शहरी महिलाओं को एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके अलावा पहली बार गर्भधारण करने वाली महिलाओं को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पांच हजार रुपये दिए जाते हैं। वहीं जो महिला जननी सुरक्षा योजना में पंजीकृत होती है उन्हें प्रसव के बाद पांच साल तक सरकारी अस्पताल में सभी तरह के टीके मुफ्त लगाए जाते है।
मातृ स्वास्थ्य के जिला परामर्शदाता विनोद कुमार त्रिपाठी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में एक अप्रैल से लेकर 20 दिसंबर तक जिले में कुल 28073 गर्भवती महिलाओं ने नवजात को जन्म दिया है। इनमें से 23789 प्रसूताओं को जननी सुरक्षा योजना का लाभ दिया जा चुका है। शेष 4284 महिलाएं जिनका आधार कार्ड व बैंक खाता नहीं है उनका आशा व एएनएम के माध्यम से खाला खुलवाकर योजना का लाभ दिया जाएगा।
वहीं सीएमओ डॉ. विजय बहादुर सिंह ने बताया कि योजना के तहत प्रसूताओं को लाभ देने के लिए जिले में बजट की कोई कमी नहीं है। कुछ लाभार्थियों का बैंक में खाता न होने की वजह से लाभ नहीं मिल पाया है। सीएचसी के माध्यम से आशा व एएनएम को निर्देश दिया गया है कि लाभार्थियों का बैंक में खाता खुलवाकर उन्हें योजना का लाभ दिया जाए।