बलरामपुर। जिले के छह केंद्रों पर उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा शनिवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से कराई गई। अंतिम दिन की शिक्षक पात्रता परीक्षा में पंजीकृत 2376 में से 2215 परीक्षार्थी शामिल हुए, जबकि 161 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। परीक्षा में सांस्कृतिक समावेशन, शिक्षण का सर्वोत्तम रूप, पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत एवं अल्प विराम से जुड़े प्रश्नों के साथ गणित के कठिन सवालों को हल करने में परीक्षार्थियों को उलझना पड़ा। शनिवार की सुबह 7.30 बजे से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर परीक्षार्थी जुटने लगे। परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले रेटिना स्कैन और फिंगरप्रिंट का मिलान कराना पड़ा। तलाशी में मिले मोबाइल फोन व स्मार्ट वॉच सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और प्रतिबंधित सामान बाहर ही रखवा दिया गया। सुबह 9.30 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक केवल एक पाली में ही परीक्षा कराई गई। एमएलके महाविद्यालय के वाणिज्य संकाय परीक्षा केंद्र पर 480 के सापेक्ष 442 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, वहीं 38 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। विज्ञान संकाय परीक्षा केंद्र पर पंजीकृत 384 में से 357 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए, वहीं 27 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। कला संकाय परीक्षा केंद्र पर 600 के सापेक्ष 564 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, वहीं 36 अभ्यर्थी गैरहाजिर रहे। एमपीपी इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर पंजीकृत 384 में से 356 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, वहीं 28 ने परीक्षा छोड़ दी। भगवती आदर्श विद्यालय इंटर कॉलेज केंद्र पर 288 के सापेक्ष 272 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, वहीं 16 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इसी तरह बलरामपुर बालिका इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर पंजीकृत 240 में से 224 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए, वहीं 16 ने परीक्षा छोड़ दी। नकल विहीन, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा संपन्न कराने के लिए सभी केंद्रों पर सेक्टर व स्टेटिक मजिस्ट्रेट के साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
961 अभ्यर्थियों ने छोड़ दी शिक्षक पात्रता परीक्षा
जिले में छह केंद्रों पर तीन दिन और पांच पालियों में शिक्षक पात्रता परीक्षा कराई गई। पहले दिन बृहस्पतिवार को दोनों पालियों में 4750 के सापेक्ष 4210 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए, वहीं 540 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। दूसरे दिन शुक्रवार को दोनों पालियों में 4752 के सापेक्ष 4492 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, वहीं 260 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। तीसरे दिन केवल एक पाली में ही परीक्षा कराई गई। परीक्षा में 2376 के सापेक्ष 2215 परीक्षार्थी शामिल हुए, वहीं 161 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। इस तरह तीन दिनों में कुल 11,878 में से 10,917 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, वहीं 961 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
परीक्षा छूटते ही सड़क पर लगा जाम, परीक्षार्थी हुए परेशान
शनिवार को पहली पाली की शिक्षक पात्रता परीक्षा समाप्त होने के बाद दोपहर 12 बजे से एक बजे तक तुलसीपुर मार्ग पर लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ा। तुलसीपुर मार्ग पर एमएलके महाविद्यालय से लेकर एमपीपी इंटर कॉलेज तक वाहनों की लंबी कतार लगने के कारण यात्रियों का पैदल चलना भी दूभर हो गया। जाम के कारण एमएलके महाविद्यालय से अंबेडकर तिराहा तक वाहन सड़क पर रेंगते नजर आए। बढ़नी मार्ग पर तुलसीपुर से बलरामपुर आने वाली बस से उतरे शिवम पांडेय, सुनीता, रागिनी, दिनेश व आकाश आदि ने बताया कि जाम के कारण चुंगीनाका से वीर विनय चौराहा पहुंचने में करीब एक घंटे का समय लगा।
परीक्षा केंद्रों का भ्रमण कर जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने परखी व्यवस्था
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा के दौरान जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन और पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने प्रवेश, सुरक्षा और सीसीटीवी निगरानी की समीक्षा करते हुए सेक्टर मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक व पुलिस कर्मियों को सतर्कता के साथ ड्यूटी करने का निर्देश दिया। शासन के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कर परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और नकलविहीन ढंग से संपन्न कराने पर जोर दिया।