ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में रेफ्लेक्टर और ओवरलोडिंग पर रोक लगाएं
बलरामपुर। जिले में तीन एकड़ में ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक की स्थापना कराई जाएगी। सदर तहसील के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुमार हर्ष को जमीन मुहैया कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नई रणनीति तैयार की जाए। अफसरों की टीमें वाहन चालकों को जागरूक करेंगी। घने कोहरे से निपटने के लिए सभी चालकों को आवागमन के टिप्स दिए जाएं।
यह बातें डीएम कृष्णा करुणेश ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि सड़कों पर बढ़ रहे अतिक्रमण को हटवाने के लिए तीनों तहसीलों के एसडीएम तत्काल जुट जाएं।
डीसीओ आरएस कुश्वाहा को डीएम ने सभी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में रेफ्लेक्टर लगवाने तथा ओवरलोडिंग पर रोक लगाने की जिम्मेदारी सौंपी। शहरों में ई-रिक्शा के संचालन पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी पर भी चर्चा की गई।
डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए टेंपों व टैक्सी चालकों पर ईओ नगर पालिका राकेश कुमार जायसवाल को शिकंजा कसने का निर्देश दिया। हिट एवं रन दुर्घटना के मामले में पीड़ितों को सरकारी सहायता तत्काल मुहैया कराने तथा एक्सईएन पीडब्ल्यूडी के दोनों डिवीजन को ब्लैक स्पाट चिन्ह्ति करने के निर्देश दिए गए।
सड़कों के चौड़ीकरण तथा बाईपास की कार्ययोजना बनाने, डीआईओएस एमके कन्नौजिया व बीएसए हरिहर प्रसाद को सरकारी व निजी स्कूल वाहनों का जांच करके शिकंजा कसने का कड़ा निर्देश दिया।
एआरटीओ फरीदउद्दीन ने बताया कि लापरवाही बरतने वाले 108 स्कूली वाहनों का चालान किया जा चुका है। जिले में ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक की स्थापना के लिए एआरटीओ ने प्रस्ताव रखते हुए कहा कि तीन एकड़ जमीन की जरूरत है।
इसके लिए डीएम ने सदर तहसील के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को जमीन मुहैया कराने की जिम्मेदारी दी। बैठक में उतरौला एसडीएम जेपी सिंह तथा सीएमओ डॉ. घनश्याम सिंह सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।