बलरामपुर। नौनिहालों की सुरक्षा के मद्देनजर एआरटीओ अरविंद कुमार ने स्कूली वाहनों की फिटनेस की जांच को लेकर अभियान शुरू किया है। एआरटीओ ने सभी स्कूल संचालकों को वाहनों का फिटनेस कराने का निर्देश दिया है। जांच के दौरान वाहनों में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित स्कूल संचालक के खिलाफ विधिक कार्रवाई किये जाने की चेतावनी दी गई है।
एआरटीओ ने शुक्रवार को बताया कि जिले के सभी निजी स्कूलों में 301 वाहनों का संचालन किया जा रहा है। वाहनों से बच्चों को घर से स्कूल व स्कूल से घर पहुंचाया जाता है। केविड-19 महामारी के चलते स्कूलों का संचालन नहीं हो रहा है। कक्षा 9 से 12 तक सभी छात्र-छात्राएं स्कूल निजी संसाधनों से जाते हैं।
बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर वाहनों की जांच का अभियान चलाया जा रहा है। जांच के दौरान 20 स्कूली वाहनों की फिटनेस की तिथि समाप्त हो चुकी है इसके लिए स्कूलों को नोटिस जारी करके जवाब तलब किया गया है। समय से फिटनेस कराकर जवाब न देने वाले स्कूल संचालकों पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
यात्री कर अधिकारी प्रेमचंद्र स्कूलों में जाकर वाहनों की जांच करने में जुटे हुए हैं। वाहनों में सीसीटीवी कैमरा, हाईस्पीड गवर्नर, इमरजेंसी गेट आसानी से खुलने व बंद होने, अग्निशमन यंत्र लगे होने, फर्स्टएड बॉक्स, खिड़कियों पर पाइप लगा होने व व्हीकल ट्रेकिंग डिवाइस आदि के बारे में भी गहन जांच पड़ताल कराई जा रही है। सभी स्कूल संचालकों को अपने वाहनों में इन संसाधनों का इंतजाम करना अनिवार्य है जिससे बच्चों को पर्याप्त सुरक्षा मिल सके।