हरैया सतघरवा/ गैसड़ी। निपुण भारत मिशन के तहत हरैया सतघरवा और गैसड़ी ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर चल रहे पांच दिवसीय आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) प्रशिक्षण के पहले चरण का मंगलवार को समापन हो गया। दोनों केंद्रों पर कुल 199 शिक्षकों ने गतिविधि आधारित शिक्षण, सतत मूल्यांकन और बच्चों में भाषा व गणित की आधारभूत दक्षता विकसित करने के आधुनिक तरीकों का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
हरैया सतघरवा के बीआरसी शिवपुरा में 100 शिक्षकों को कहानी, कविता, खेल, टीएलएम और भाषा की पूर्व तैयारी संबंधी गतिविधियों के माध्यम से रुचिकर शिक्षण की तकनीकें सिखाई गईं। वहीं कक्षा एक से तीन तक के बच्चों के लिए अनुकूल शिक्षण वातावरण तैयार करने और सीखने की प्रगति का सतत मूल्यांकन करने पर विशेष जोर दिया गया। खंड शिक्षा अधिकारी शमशेर सिंह राणा ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य बच्चों की बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक कौशल को मजबूत करना है। इस अवसर पर अनाड़ी चतुर्वेदी, अंजू मिश्रा, घनश्याम, अब्दुल कालिक, वंदना पाठक, विजय कुमार वर्मा, राजेंद्र गुप्ता, विजय पटेल, देवेंद्र कुमार उर्मिला तिवारी, अर्चना मिश्रा, चंद्रा कुरील आदि ने प्रतिभाग किया। गैसड़ी बीआरसी में खंड शिक्षा अधिकारी रमेश कुमार के नेतृत्व में पहले बैच का प्रशिक्षण संपन्न हुआ। यहां 99 शिक्षकों को एनसीईआरटी की नई पुस्तकों, भाषा एवं गणित शिक्षण, दैनिक-वार्षिक योजना, चित्र कार्ड, कहानी पोस्टर, समग्र प्रगति पत्र तथा धीमी गति से सीखने वाले बच्चों के लिए ''''कैच-अप'''' गतिविधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। राहुल श्रीवास्तव के संयोजन में संचालित प्रशिक्षण में सर्वेश कुमार पाठक, अवधेश चंद्र, राजेश उमर, सरोज सिंह संदर्भदाता की भूमिका में रहे। रवि ज्योति मिश्र, अमरेश, अर्जुन कटियार, शहजाद, विकास पांडेय कल्पना कुमारी, शांति यादव सहित 99 शिक्षकों ने रोचक शिक्षण के गुर सीखे।