बलरामपुर। नवनियुक्त शिक्षकों के वेतन भुगतान को लेकर लड़ाई लड़ने वाले प्राथमिक शिक्षक संघ का प्रयास अब सार्थक होने वाला है। जिले के 196 नवनियुक्त शिक्षकों में वेतन पाने की आस जगी है। सात महीनों से वेतन पाने का इंतजार करने वाले शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
शपथ पत्र पर वेतन भुगतान के बाद में जांच कराई जाएगी और जांच में तथ्यों को छिपाने वाले शिक्षकों के खिलाफ शासन स्तर से विधिक कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी गई है।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष ज्ञान सागर पाठक ने गुरुवार को बताया कि प्रांतीय नेतृत्व ने 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती वाले नवनियुक्त शिक्षकों को कोरोना काल में शपथ पत्र पर वेतन भुगतान कराने के लिए लंबी लड़ाई लड़ी।
संघ की मांग पर बेसिक शिक्षा विभाग की मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने शपथ पत्र पर वेतन भुगतान कराने के लिए शासनादेश जारी कर दिया है। शासन ने माना है कि कोरोना संक्रमण के चलते बोर्ड व विश्वविद्यालय बंद होने से नवनियुक्त शिक्षकों के शैक्षिक दस्तावेजों का सत्यापन नहीं हो पा रहा है।
विभाग ने शिक्षकों की समस्या का निदान कराने के लिए उनसे शपथ पत्र लेकर वेतन भुगतान करने का निर्देश दिया है। जिले में 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती के तहत दो चरणों में 352 शिक्षकों की तैनाती की गई थी। प्रथम चरण में नियुक्त 81 की तुलना में 77 और दूसरे चरण में 271 की तुलना में 98 शिक्षकों के वेतन भुगतान का आदेश हो चुका है।
पहले चरण के 70 व दूसरे चरण के 86 शिक्षकों को ही वेतन मिल सका। बाकी बचे 196 शिक्षकों को वेतन भुगतान नहीं हुआ है। नवनियुक्त शिक्षकों को शीघ्र वेतन पाने की आस जगी है। शासन के इस निर्णय पर प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने खुशी जताई है और बीएसए से शीघ्र वेतन भुगतान कराने की मांग की है।
69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती के तहत जिले में तैनात किए गए नवनियुक्त नवनियुक्त शिक्षकों को वेतन पाने के लिए शपथ पत्र देना होगा। शपथ पत्र में भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन के साथ प्रस्तुत स्नातक, बीएड व प्रशिक्षण संबंधी शैक्षिक दस्तावेज फर्जी नहीं है।