नैतिक मूल्यों में सुधार से समाज में होगा बदलाव : एसपी
अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से आयोजित पुलिस की पाठशाला में बोले पुलिस कप्तान
गलत आचरण के लोगों को जीवन में आदर्श न बनाने की सलाह
बलरामपुर। अधिकारों की जानकारी व सजगता जीवन में बेहद जरुरी है। नैतिक मूल्यों में सुधार से ही समाज में बदलाव संभव है। गलत आचरण करने वाले लोगों के व्यवहार को जीवन में आदर्श कदापि न बनाएं। ऊंचाइयों पर पहुंचने के लिए सामाजिक जीवन के दायरे को बेहतर बनाना होगा। हमारे नैतिक मूल्य से ही देश व समाज की प्रगति संभव है। स्वयं कानून का अनुपालन करके दूसरों को नैतिकता का पाठ पढ़ाया जा सकता है। बच्चे राष्ट्र का भविष्य हैं। बच्चों में नैतिकता के प्रति बदलाव लाने की जरुरत है। अधिकार व कर्तव्य दोनों का अनुपालन करना बेहद जरुरी है।
यह बातें एसपी प्रमोद कुमार ने शुक्रवार को एमएलके पीजी कालेज में सभागार में अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से आयोजित पुलिस की पाठशाला में बतौर मुख्य अतिथि कही। उन्होंने कहा कि हमारे देश का संविधान काफी व्यापक है। संविधान के बनाए कानून लोगों की सेवा व सुरक्षा के प्रति बेहद सजग है। नियमों का उल्घंन करने वालों के लिए सजा का प्रावधान है। बेटियों की सुरक्षा के लिए सरकार की तरफ से कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 व 181, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 व डायल 100 जैसे नंबरों की जानकारी देते हुए एसपी ने बताया कि पीड़ित बेटियां तत्काल इन नंबरों पर सूचना देकर कानून का लाभ उठा सकती हैं। अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से आयोजित पुलिस पाठशाला की एसपी ने जमकर सराहना की। स्कूलों में आयोजित होने वाले इस प्रकार के कार्यक्रम से लोगों को जागरुकता बढ़ेगी। पुलिस पाठशाला का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन के साथ किया गया। मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित करके कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। सभी अतिथियों को पुष्प गुच्छ भेंटकर सम्मानित स्त्रत्त्जना गया। पाठशाला को संबोधित करते हुए सीओ सिटी नीतेश कुुमार सिंह ने सभी विद्यार्थियों को कानून का अनुपालन करने की सलाह दी। छोटे-छोटे अपराधों के प्रति लोगों को सजग किया गया। पाठशाला के दौरान महिला सुरक्षा, किशोरों व बच्चों के साथ होने वाले अपराध व सड़क हादसों के साथ-साथ वाहन चलाते समय मोबाइल से बात न करने, दो पहिया वाहन चलाते समय हेल्मेट का प्रयोग करने और सीरट बेल्ट लगाकर चार पहिया वाहन चलाने जैीसे नियमों की तमाम जानकारी दी गई। इन नियमों का उल्घंन करने पर सजा का प्रावधान भी बताया गया। प्राचार्य डा. आरबीएस श्रीवास्तव ने अमर उजाला के कार्यक्रम की सराहना करते हुए सभी विद्यार्थियों को सीख लेने की सलाह दी। कार्यक्रम के आयोजन में नगर कोतवाल गंगेश कुुमार शुक्ल व यातायात प्रभारी रविन्द्र कुमार यादव आदि का सराहनीय योगदान रहा।
युवाओं को बदलनी होगी धारणा
-कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसपी ने कहा कि अब समय आ गया है कि जब युवाओं को अपने सोच में बदलाव लाना होगा। युवा ही राष्ट्र के निर्माता हैं। राष्ट्र निर्माण में युवाओं को कानून का सम्मान व कानून से जीवन आसान को आत्मसात करना होगा। युवाओं की सोच में बदलाव के लिए शिक्षक के साथ-साथ अभिभावकों की भी जिम्मेदारी है। बच्चों को गलत व सही का ज्ञान देकर अधिकारों के साथ कर्तव्यों के निर्वहन के प्रति सजग करें।
बुजुर्गों के प्रति रखें सम्मान का भाव
-एसपी ने कहा कि आज के बदलते परिवेश में युवा बुजुर्गों से दूर होता जा रहा है। पुराने जमाने में पंचायत व्यवस्था के तहत बुजुर्ग अपने बच्चों को नियम व कानून का अनुपालन करने की सीख देते थे। आज की चकाचौंध में युवा वर्ग बुजुर्गों से सीखने के बजाय दूर होता जा रहा है। यही कारण है कि युवाओं में नशाखोरी, महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना में कमी व अपराध आदि की लत बढ़ती जा रही है। सभी युवा बुजुर्गों की सलाह लेकर अपने जीवन के नैतिक मूल्यों में सुधार कर सकते हैं।