मैडम, डिलीवरी पर 12 हजार खर्च कराते हैं
बलरामपुर। जिला महिला अस्पताल में भ्रष्टाचार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बुधवार को अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंचीं राज्य महिला आयोग की सदस्य से पीड़ित ने डिलीवरी के लिए 12 हजार रुपये मांगे जाने की शिकायत की जिसमें से 5 हजार रुपये एडवांस में दिए जाने की बात कही।
पीड़ित को रुपये वापस दिलाने के लिए महिला आयोग की सदस्य लगभग एक घंटे तक अस्पताल में खड़ी रहीं लेकिन नर्स ओटी में डिलीवरी कराने का बहाना करके सामने नहीं आई।
राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता बंसल बुधवार सुबह 11 बजे जिला महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंची। जनरल वार्ड में प्रसूताओं से अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में पूछताछ की।
बिजलीपुर निवासिनी गुल्लू ने शिकायत की कि करीब दो माह पहले बहू रेखा का अस्पताल में नॉर्मल डिलीवरी हुई थी। बताया कि अस्पताल में कापर-टी निकलवाने के नाम पर 200 की मांग की जा रही है।
इसी तरह भगवतीगंज निवासी प्रतीक ने बताया कि उसकी भाभी की डिलीवरी हो रही है। डॉक्टर ने ऑपरेशन करने के लिए 12000 रुपये मांगे हैं जिसमें से 5000 रुपये दे चुका हूं। शेष रुपये डिलीवरी होने के बाद में देने की बात कही है।
मेस परिसर में ही प्रॉइवेट डाक्टर द्वारा मरीजों को देखे जाने पर सदस्य ने नाराजगी जताई। मौजूद डॉ. श्रद्धा सिंह ने सदस्य को बताया कि मैं मरीजों को बुलाने नहीं जाती हूं जिसका मन करता है वह चेकअप के लिए खुद आता है।
चेकअप कराने आई मरीज शालिनी वर्मा ने बताया कि वह दूसरी बार डॉ. श्रद्धा सिंह से चेकअप कराने आई हैं। 150 रुपये फीस ली जाती है। निरीक्षण के बाद आयोग की सदस्य ने सीएमएस डॉ. नीना वर्मा से जानकारी ली।
सीएमएस ने बताया कि अल्ट्रासाउंड ट्रेनर के लिए कई बार शासन को पत्र लिखा गया है। अस्पताल में रुपये लिए जाने की जानकारी मुझे नहीं है। सदस्य ने सीएसएस से अस्पताल परिसर में ही जन औषधि केन्द्र के लिए शासन को पत्र लिखने की बात कही।
मेस के निरीक्षण के दौरान ठेकेदार किचन का ताला बंदकर गायब हो गया। आधे घंटे बाद मौके पर पहुंचे ठेकेदार ने किचन का ताला खुलवाया। किचन में मरीजों को वितरित किया जाने वाला खाना तैयार नहीं था।
एक कूकर में थोड़ी सी दाल व सब्जी ही तैयार मिली। सदस्य के पूछने पर रसोइए ने बताया कि 25 लोगों का खाना बनता है लेकिन मौके पर मात्र 2 से 3 लोगों के लिए ही तैयार खाना पाया गया।
वर्जन
-औचक निरीक्षण के दौरान जिला महिला अस्पताल में तमाम खामियां मिली हैं। पता चला कि यहां मरीजों का शोषण किया जा रहा है। डिलीवरी के नाम पर धन उगाही की जाती है। समय से मरीजों को भोजन भी नहीं मिलता है। अस्पताल में मिली कमियों को संबंधित उच्चाधिकारियों से मिलकर अवगत कराया जाएगा तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुनीता बंसल, सदस्य राज्य महिला आयोग