तेजी से खतरे की निशान की तरफ बढ़ रही राप्ती : संशोधित
-नेपाल से नदी में छोड़ा गया एक लाख 32 हजार क्यूसेक पानी
-प्रशासन सतर्क, पुख्ता किए राहत व बचाव के इंतजाम
अमर उजाला ब्यूरो
बलरामपुर। नेपाल से एक लाख 32 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण शनिवार को राप्ती नदी 10 सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से खतरे के निशान की तरफ बढ़ रही है। पूर्वानुमान है कि रविवार तक जिले में राप्ती नदी बेकाबू हो जाएगी। पानी छोड़े जाने की सूचना पर प्रशासन में हड़कंप मच गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक गश्त तेज कर दी गई है। राहत व बचाव कार्य के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे है। सभी बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है। कलेक्ट्रेट के अलावा सभी तहसील मुख्यालयों पर भी बाढ़ कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है।
विदित हो कि बीते दिनों पहाड़ों पर हुई भारी बारिश के चलते नेपाल राष्ट्र में पानी की अधिकता हो गई है। बताया जा रहा है कि नेपाल में राप्ती नदी में एक लाख 32 हजार क्यूसेक पानी छोड़ दिया है। पानी छोड़े जाने के कारण राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। शनिवार शाम तक नदी चेतावनी बिन्दू से 50 सेमी ऊपर 104.120 मीटर पर पहुंच गई है। पूर्वानुमान है कि आगामी घंटो में तेजी से बढ़ेगा। यह भी संभावना जताई जा रही है कि नदी खतरे के निशान 104.620 मीटर से 50 सेमी ऊपर पहुंच सकती है। बाढ़ की आशंका को देेखते हुए सिंचाई विभाग बहराइच ने कोड़री घाट पुल को बचाने की कवायद तेज कर दी है। इसके अलावा सदर तथा तुलसीपुर तहसील में भी सैकड़ों गांव बाढ़ से प्रभावित हो सकते हैं। बाढ़ का सबसे ज्यादा असर उतरौला तहसील में पड़ेगा। इस तहसील के करीब 131 गांव पहले से ही बाढ़ प्रभावित हैं। एसडीएम उतरौला जेबी सिंह ने बताया कि तहसील क्षेत्र में 7 बाढ़ चौकियां प्रभावी कर दी गई हैं। तहसील में बाढ़ कंट्रोल रूम बनाया गया है। कंट्रोल रूम में एसडीएम के मोबाइल नंबर 9454416056, तहसीलदार मोबाइल नंबर 9454416061, नायब तहसीलदार मोबाइल नंबर 8115742092 तथा रजिस्ट्रार कानूनगो मोबाइल नंबर 9838929028 प्रभावी कर दिया गया है। बाढ़ से संबंधित कोई भी सूचना इन नंबरों पर कभी भी दी जा सकती है।
2014 में मची थी तबाही
-विदित हो कि वर्ष 2014 में 17 अगस्त के दिन नेपाल से एक लाख 30 हजार क्यूूसेक पानी छोड़े जाने के कारण राप्ती नदी ने भारी तबाही मचाई थी। बाढ़ का पानी करीब तीन दिन तक नगर में भरा हुआ था। इस दौरान जिले के करीब 300 गांव बाढ़ की चपेट में आए थे। बलरामपुर-भड़रिया बांध भी चंदापुर गांव के पास सैकड़ों मीटर बह गया था। तमाम खेत व मकान नदी में समाहित हो गए थे।
डीएम बोले...
-राप्ती नदी में एक लाख 32 हजार क्यूसेक नेपाली पानी छोड़े जाने की सूचना मिली है। राहत व बचाव कार्य के सभी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं। फ्लड पीएसी की चार बोट व 22 जवान जिले में कैम्प कर रहे हैं। सभी उपजिलाधिकारियों को क्षेत्र में भ्रमणशील रहने का निर्देश दिया गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पीएसी व एनडीआरएफ की टीम बुलाने की भी व्यवस्था की जा रही है। कलेक्ट्रेट में स्थापित कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय कर दिया गया है। कंट्रोल रूम के फोन नंबर 05263-236250 पर बाढ़ से संबंधित कोई भी सूचना दी जा सकती है।
आरके मिश्र, डीएम बलरामपुर