बलरामपुर। जिला वृक्षारोपण समिति की बैठक शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में की गई। बैठक की अध्यक्षता सीडीओ ने की। बैठक में एक से सात जुलाई तक वन महोत्सव मनाए जाने की तैयारियां पर चर्चा की गई। सीडीओ ने पौधरोपण की तैयारियां पूरी कराने की अफसरों को जिम्मेदारियां सौंपी।
बैठक को संबोधित करते हुए सीडीओ अमनदीप डुली ने कहा कि पौधरोपण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले में करीब 27 लाख पौधे लगाकर रिकॉर्ड कायम करना है। संचालन करते हुए डीएफओ रजीकांत मित्तल ने कहा कि शासन ने जिले में 26,82,645 फलदार व छायादार पौधे रोपित करने का लक्ष्य रखा है।
15 जुलाई तक 15 प्रतिशत, 31 जुलाई तक 40 प्रतिशत, 15 अगस्त तक 65 प्रतिशत और 31 अगस्त तक 90 प्रतिशत पौधे रोपित किए जाएंगे। 30 जून तक पौधरोपण के गड्ढे हर हाल में तैयार कर लिए जाएंगे। विभागवार लक्ष्य आवंटित कर दिया गया है।
ग्राम विकास विभाग को 13,61,600, राजस्व, पंचायती राज व उद्यान विभाग को 1,36,700, बेसिक शिक्षा व माध्यमिक शिक्षा को 54,468 तथा वन विभाग को 5,82,861 पौधे लगाने की जिम्मेदारी दी गई है।
जिले के 801 ग्राम पंचायतों में तीन-तीन हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। सभी विभाग बजट का 0.5 प्रतिशत पौधरोपण पर खर्च करेंगे। मनरेगा से सभी विभागों को पौधे दिए जाएंगे। गत वर्ष के पौधरोपण की जीयो टैगिंग न कराए जाने पर सीडीओ ने नाराजगी व्यक्त करते हुंए शत-प्रतिशत कार्य पूरा करने का निर्देश दिया।
एक से सात जुलाई वन महोत्सव मनाए जाने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। एक जुलाई को महिलाओं के साथ पौधरोपण, दो जुलाई को शिक्षकों व छात्रों के साथ पौधरोपण, तीन जुलाई को किसानों के साथ पौधरोपण, चार जुलाई को दिव्यांगों के साथ, पांच जुलाई को भूतपूर्व सैनिकों, पुलिस बल व एनसीसी के साथ, छह जुलाई को न्यायिक अधिकारियों के साथ तथा सात जुलाई को अल्प आय वाले व्यक्तियों के साथ विशेष पौधरोपण कार्यक्रम किया जाएगा।