बलरामपुर। गन्ने की खेती किसानों का भाग्य बदलेगी। पशुपालन व मत्स्य का कारोबार भी किसानों के लिए उपयोगी बनेगा। यह बातें संयुक्त कृषि निदेशक देवीपाटन मंडल गोंडा डॉ. पीके गुप्ता व उप कृषि निदेशक राम बचन राम ने मंगलवार को सदर ब्लॉक के नरायनपुर गांव में दूसरे चरण के किसान पाठशाला के दूसरे दिन खेती के बारे में किसानों से कही।
उप कृषि निदेशक ने किसानों को सलाह दी कि फसलों में नकली व मिलावटी उर्वरकों का प्रयोग कदापि न करें। कृषि विभाग की योजनाओं व किसानों को शासन से मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी दी गई। गन्ना पर्यवेक्षक कमलेश यादव व केन मैनेजर बलरामपुर चीनी मिल बृजभूषण दूबे ने किसानों को गन्ने की खेती के बारे में बताया। गन्ने की खेती में सह फसली खेेती करके किसान अधिक लाभ कमा सकते हैं।
विभाग के मास्टर ट्रेनर मो. अली ने किसानों को पशुपालन व मत्स्य के कारोबार के बारे में भी जानकारी दी। पशुपालन से किसानों को अतिरक्त लाभ होगा। जिले के 74 ग्राम पंचायतों में एक साथ किसान पाठशालाएं लगाई गई। जिला कृषि अधिकारी मनजीत कुमार व बीएसए कृषि सुभाष चंद्रा ने कई ग्राम पंचायतों में औचक निरीक्षण कर किसान पाठशालाओं के आयोजन की जानकारी हासिल की।