नेपाल ने छोड़ा पानी, राप्ती उफान पर, हड़कंप
बलरामपुर। नेपाल के पहाड़ों पर हुई भारी बारिश जिले के लिए आफत बन गई है। पहाड़ी नालों के उफान ने जहां सैकड़ों गांवों को प्रभावित किया है वहीं नेपाली पानी छोड़े जाने के कारण राप्ती नदी भी तेजी से खतरे के निशान की तरफ बढ़ रही है।
मंगलवार को राप्ती नदी का जलस्तर चेतावनी बिन्दु 103.620 मीटर से 40 सेमी ऊपर 104.200 मीटर पर पहुंच गया है। नदी 5 से 6 सेमी प्रतिघंटा की रफ्तार से बढ़ रहा है। पानी चलने के कारण कई मार्गों पर आवागमन ठप हो गया है। हजारों हेक्टेअर फसल भी जलमग्न हो गई है।
पचपेड़वा थाना क्षेत्र के जीतपुर पकड़ी गांव के निकट पक्की सड़क बाढ़ के पानी में बह गई है। दर्जनों गांव के लोगों का आवागमन ठप हो गया है। वहीं लौकहवा में सड़क पार करते समय दो युवक बाढ़ के पानी में बह गए। एक युवक किसी तरह बच कर पानी से बाहर निकल आया। दूसरा युवक लापता है।
तुलसीपुर से गौरा चौराहा जाने वाली सड़क पर भी सिरिया व पहाड़ी नाले का पानी बह रहा है। लोग जान जोखिम में डालकर यात्रा कर रहे है। तुलसीपुर बघेल खंड मार्ग पर करीब चार फीट पानी बह रहा है।
महराजगंज तराई से ललिया जाने वाली सड़क पर खरझार पहाड़ी नाले का पानी चल रहा है। जबदहा, जबदही, चौकाकला, चौकाखुर्द, सेमरहना व टेंगनहिया मानकोट गांव के निकट राप्ती का जलस्तर बढ़ने से कटान तेज हो गई है।
केंद्रीय जल आयोग सिसई घाट इकाई के मुताबिक मंगलवार को शाम तीन बजे तक राप्ती नदी का जल स्तर चेतावनी बिंदु 103.620 मीटर से 20 सेमी ऊपर 103.820 सेमी पहुंच गया था।
राप्ती नदी के जलस्तर में 5 से 6 सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से वृद्धि जारी थी। अचानक आए पहाड़ी नालों के उफान ने किसानों को भी प्रभावित कर दिया है। हजारों हेक्टेअर गन्ना, धान व दलहनी फसल पानी में डूब गई है। गांवों में पानी भर जाने से लोगों को संक्रामक बीमारी का भी खतरा बढ़ गया है।
दोपहर बाद निकली धूप से राहत की उम्मीद
तीन दिनों की बारिश के बाद मंगलवार दोपहर बाद निकली धूप ने लोगों को राहत दी है। संभावना जताई जा रही है कि बारिश से मोहलत मिल जाएगी। मोहलत मिलने से न केवल बाढ़ का खतरा घटेगा बल्कि किसानों का काम भी तेजी पकड़ लेगा।
बाढ़ के पानी में बहे दो युवक
ललिया। थानाध्यक्ष ललिया ज्ञानेन्द्र पांडेय ने बताया कि लखनीपुर निवासी बउरे (20) व तिलकराम (25) मंगलवार को गांव से ललिया बाजार सब्जी व अन्य सामान खरीदने जा रहे थे।
रास्ते में लौकहवा डिप पर बाढ़ का तेज बहाव है। दोनों युवक बहाव के बीच से गुजर कर पार जाने की कोशिश कर रहे थे। दोनों तेज बहाव में बह गए। तिलकराम किसी तरह बच कर पानी से बाहर निकल आया। बउरे तेज बहाव में बह गया है। बउरे का पता नहीं चल पा रहा है।
पुलिस व स्थानीय गोताखोरों की मदद से बउरे की तलाश की जा रही है। समाचार लिखे जाने तक बउरे का पता नहीं चल सका था।
-राप्ती नदी के बढ़ते जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। पहाड़ी नालों का उफान मंगलवार को काफी कम हो गया है। बारिश भी रुक गई है संभावना है कि आने वाले दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी।
-कृष्णा करुणेश, डीएम