बलरामपुर। दो दिनों के बैंक हडताल से 150 करोड़ का लेनदेन ठप रहा है। बैंक कर्मचारियों ने अपना वेतन कटवाकर दो दिनों तक हड़ताल किया। बैंकों में तालाबंदी होने से ग्राहकों को लेनदेन करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है।
एटीएम में कैश न मिलन से बैंक ग्राहकों में भारी आक्रोश दिखा। दो बैंकों के निजीकरण प्रस्ताव को लेकर सरकार के खिलाफ कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर विरोध जताया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले नौ यूनियन के कर्मचारी दो दिवसीय हड़ताल में शामिल हुए।
यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष सीता राम यादव, जिला मंत्री संजय कुमार शुक्ल, उपाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह व संयोजक आफीसर एसोसिएशन वकील यादव ने मंगलवार को धरने को संबोधित करते हुए कहा कि निजीकरण का मतलब ग्रामीण शाखाओं का बंद होना है। बैंकों का अधिकार सिर्फ शहरों तक सीमित हो जाना है। सरकार की जन विरोधी बैंकिंग, आर्थिक व सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण और उनमें विनमेश के सरकार के फैसले के विरोध में दो दिवसीय हड़ताल किया गया है।
बैंकों का निजीकरण रोकने, सरकारी क्षेत्र के बैंकों को मजबूत करने, लोन डिफॉल्टर्स पर कड़ी कार्रवाई करने, एनपीए की वसूली किए जाने, बैंकों में जमा राशि पर ब्याज बढ़ाने, नई भर्ती करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, सहकारी व ग्रामीण बैंकों को मजबूत करने और कॉरर्पोरेट घरानों को बैंक लाइसेंस न देने की मांग की गई।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन बलरामपुर की तरफ से प्रथम ग्रामीण बैंक कर्मचारी संघ की अगुवाई में पैदल मार्च निकाल कर विरोध जताया गया।
रिटायर्ड कर्मचारी यूनियन के सदस्यों के साथ साथ जिले में स्थित सभी नेशनल बैंक जैसे इलाहाबाद इंडियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक के साथ-साथ सभी कर्मचारियों ने भाग लिया। वीर विनय चौराहा से संतोषी माता मंदिर होते हुए क्षेत्रीय कार्यालय प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक भगवतीगंज पहुंचकर क्षेत्रीय प्रबंधक को ज्ञापन सौंपा गया।
बैंकों के दो दिन तक बंद रहने से जिले में 150 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित रहा है। धरने को चंदन, राजेश, संदीप, चंदन कुमार, गुंजन केसरी, शशिकांत यादव, ब्रिजेश कुमार, ज्ञानेश, मोहम्मद हारिस, तौहीद कमर, यशवंत, तनुश्री, राजेश्वरी, अनुज कुमार शुक्ल, मनीष, संजय सिंह, रणवीर सिंह व जय प्रकाश आदि ने संबोधित कर विरोध जताया।