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Balrampur News: आंगनबाड़ी चयन में 1.40 लाख वसूले, तीन गिरफ्तार

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बलरामपुर। तुलसीपुर के ग्राम लालबोझी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भर्ती प्रक्रिया-2025 के दौरान चयन के नाम पर अवैध धन वसूली की गई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर नियुक्ति के लिए रूबी सिंह से सीडीपीओ कार्यालय के दो लिपिकों ने एक बिचौलिये के जरिये 1.40 लाख रुपये रिश्वत ली। शिकायत पर जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने जांच कराई, जिसमें आरोपों की पुष्टि हुई। डीपीओ इफ्तखार अहमद ने परियोजना के दाे बाबुओं और बिचौलिये के खिलाफ नगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है।
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आंगनबाड़ी चयन में धन उगाही की शिकायत रूबी सिंह के पति महेंद्र प्रताप सिंह ने जिलाधिकारी से की थी। डीएम ने पांच सदस्यीय जांच समिति में जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, सहायक निदेशक मत्स्य, सीडीपीओ हरैया सतघरवा तथा सीडीपीओ बलरामपुर देहात को शामिल किया गया।
डीपीओ ने बताया कि जांच समिति की जांच में यह तथ्य सामने आया कि परियोजना कार्यालय तुलसीपुर में तैनात परियोजना लिपिक जमुना प्रसाद एवं जिले में तैनात तत्कालीन आंगनबाड़ी नियुक्ति पटल के बाबू रामसूचित वर्मा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए शिकायतकर्ता से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चयन के लिए एक लाख चालीस हजार रुपये की धनराशि ली। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि इस पूरे प्रकरण में बिचौलिया मुन्नालाल जायसवाल निवासी जयनगरा के जरिये रिश्वत ली गई है। प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मामले में डीपीओ की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी दोनों बाबू और बिचौलिये की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई है।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चयन में आय प्रमाणपत्र की होगी जांच
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चयन की जांच समिति ने अन्य कार्रवाई भी शुरू की है। जांच में कहा गया है कि चयनित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रूबी सिंह के आय प्रमाणपत्र की तहसील स्तर से पुनः जांच कराई जाए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि चयन प्रक्रिया नियमों एवं पात्रता मानकों के अनुरूप हुई है या नहीं। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने कार्रवाई के आदेश दिए हैं। तुलसीपुर के एसडीएम से आय प्रमाणपत्र की जांच कराई जा रही है। बताया जा रहा है कि आय प्रमाणपत्र की शिकायत चयन के समय हुई थी, जिसके बाद ही रिश्वतखोरी की बात चर्चा में आई थी।
आरोपी बाबुओं के निलंबन की निदेशालय को संस्तुति
डीपीओ ने बताया कि एफआईआर के साथ ही मामले में आरोपी बाबुओं के निलंबन की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। आरोपी परियोजना लिपिक जमुना प्रसाद व पटल बाबू रामसूचित वर्मा के विरुद्ध निलंबन की संस्तुति बाल विकास एवं पुष्टाहार निदेशालय को की गई है। निदेशालय से बाबुओं का निलंबन होना है। इसके साथ ही विभाग में पूर्व में हुई चयन प्रक्रिया के बारे में रिपोर्ट मांगी गई है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी रहेगी कार्रवाई
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चयन प्रक्रिया में रिश्वतखोरी के मामले में कार्रवाई की गई है। भ्रष्टाचार के मामलों की आम लोग सीधे शिकायत करें। मामले में जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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विपिन कुमार जैन, जिलाधिकारी
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