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जिला पंचायत में सपा अव्वल, बसपा दूसरे तथा भाजपा तीसरे नंबर

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बलरामपुर। जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में 13 सीटें जीतकर समाजवादी पार्टी पहले स्थान पर रही। वहीं बसपा ने 10 सीटें जीतीं तथा भितरघात की शिकार भाजपा को मात्र छह सीटों से ही संतोष करना पड़ा है। 10 सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत का परचम लहराया है। एक सीट कांग्रेस के खाते में गई है।
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मंगलवार मध्यरात्रि में जिला प्रशासन ने जिला पंचायत की सभी 40 सीटों के परिणाम घोषित कर दिए। घोषित परिणाम सपा तथा बसपा के लिए संजीवनी साबित हुए। भाजपा को इन परिणामों से काफी निराशा हुई है। 13 सीटों पर सपा समर्थित प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है।
10 सीटें जीतकर बसपा दूसरे स्थान पर रही। भाजपा को छह सीटों पर ही विजय मिली है। एक सीट कांग्रेस के खाते में गई है। 10 सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज कर न सिर्फ सभी दलों को चौंका दिया है बल्कि अध्यक्ष पद के चुनाव में इनकी अहमियत काफी बढ़ गई है।
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परिणाम भी काफी अप्रत्याशित रहे। पूर्व एमएलसी सविता सिंह को इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है। इसी तरह दो बार जिला पंचायत अध्यक्ष रही बसपा समर्थित प्रत्याशी तथा पूर्व सांसद रिजवान जहीर की पत्नी हुमा रिजवान भी जिला पंचायत सदस्य का चुनाव हार गई है।
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष चन्द्र प्रकाश सिंह गुड्डू की पत्नी रीना सिंह तथा राकेश सिंह की पत्नी विनीता सिंह भी जिला पंचायत सदस्य का चुनाव नहीं जीत सकी है। वन निगम के पूर्व चेयरमैन एवं सपा नेता सलिल सिंह टीटू की पत्नी अनुराधा सिंह भी चुनाव हार गई हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद महिला के लिए आरक्षित है। तमाम राजनीतिक दिग्गजों ने अध्यक्ष पद पर कब्जा करने के लिए अपनी पत्नियों को चुनाव मैदान में जीत की हसरत से उतारा था लेकिन जनता ने उनके मंसूबों पर पानी फिरे दिया है। अब देखना यह है कि अध्यक्ष पद के लिए कौन दावेदारी करता है और जीत का सेेहरा किसके सिर बंधेगा। अध्यक्ष पद के चुनाव में अब निर्दलीय की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो गई है। निर्दलीय को अपने पक्ष में करने का गणित भी शुरू हो गया है।
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बानो हाशमी ।
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