बाढ़ के पानी में डूबकर छह लोगों की मौत
-खतरे के निशान से अभी भी 46 सेमी ऊपर बह रही है राप्ती नदी
-कई मार्गों पर आवागमन बंद, प्रशासन राहत व बचाव कार्य में जुटा
अमर उजाला ब्यूरो
बलरामपुर। नदी के जलस्तर में मामूली रूप से हो रही गिरावट के चलते जिले में बाढ़ का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को अलग-अलग स्थानों पर बाढ़ के पानी में डूबकर छह लोगों की मौत हो गई। जिले में अब तक बाढ़ के पानी में डूबकर मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। राप्ती नदी अभी भी खतरे के निशान से 46 मीटर ऊपर 105.180 मीटर पर बह रही है। 300 गांव अभी भी बाढ़ की चपेट में है। घरों में पानी भरने से चूल्हे बूझे हुए हैं। हजारों हेक्टेअर फसल बाढ़ के पानी में डूब गई है। बाढ़ पीड़ितों के साथ-साथ मवेशियों के समक्ष भी चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। प्रशासन पूरी तत्परता से राहत व बचाव कार्य में जुटा है।
पिछले दिनों पहाड़ों पर हुई भारी बारिश तथा नेपाली पानी छोड़े जाने के कारण जिले में राप्ती नदी के साथ-साथ तमाम पहाड़ी नाले भी उफान पर हैं। लगातार छठवें दिन भी जिले में बाढ़ के हालात बदतर हैं। सदर, तुलसीपुर तथा उतरौला तहसील के करीब 300 गांव बाढ़ के चलते टापू बने हुए हैं। शुक्रवार को बाढ़ के पानी में डूबकर उतरौला कोतवाली क्षेत्र के बारम गांव निवासी 65 वर्षीय प्यारी देवी की मौत हो गई। परिजनों तथा ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत कर शव बरामद किया। इसी कोतवाली क्षेत्र के फगुइया गांव निवासी रिक्शाचालक मनीराम-55 शुक्रवार को रिक्शा सहित बाढ़ के तेज बहाव में बह गए। बताया जा रहा है कि मनीराम रिक्शा लेकर रोजी-रोटी के लिए उतरौला आ रहे थे। डूबने से मनीराम की मौत हो गई। बलरामपुर देहात थाना क्षेत्र के प्रेमनगर संझवल गांव के मजरे सेखुईया निवासी 20 वर्षीय हलीमुल्लाह की भी शुक्रवार को बाढ़ के पानी में डूूबकर मरने की सूचना मिली है। गैसड़ी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम भोजपुर संतरी के मजरे नेबुलडीह निवासी सलीम का 13 वर्षीय पुत्र शाहिद गुरुवार शाम गांव के बाहर बाढ़ देखने गया था। अचानक शाहिद बाढ़ के तेज बहाव में बह गया। डूबने से शाहिद की मौत हो गई। कड़ी मशक्कत कर शाहिद का शव बरामद किया गया। शव का पंचनामा कर अंतिम संस्कार कर दिया गया है। महराजगंज तराई थाना क्षेत्र के ग्राम महदेइया के मजरे रामपुर में मन्ना देवी 12 पुत्री रामचन्दर की शुक्रवार को गांव के किनारे बाढ़ के पानी में डूबकर मौत हो गई। मन्ना देवी के शव का भी पंचनामा कर अंतिम संस्कार कर दिया गया है। वहीं गैसड़ी के मिश्रौलिया गांव के सीताराम (22) की भी शुक्रवार को बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो गई। बाढ़ के चलते बलरामपुर-तुलसीपुर नेशनल हाइवे पर आवागमन लगातार चौथे दिन भी ठप रहा। इसके अलावा गौरा चौराहा-तुलसीपुर मार्ग व कोड़री-ललिया मार्गों पर भी बाढ़ का पानी चलने से आवागमन ठप रहा।बाढ़ के हालात शुक्रवार को भी बदतर बने हुए थे। शुक्रवार को ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने जिले की तीनों तहसीलों का तूफानी दौरा कर राहत व बचाव कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया है। डीएम व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ सांसद, विधायक भी बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री पहुंचाने में जुटे हुए हैं। बाढ़ के चलते हजारों हेक्टेअर धान, गन्ना व दलहनी फसल डूब गई है। मवेशियों के समक्ष भी चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। एनडीआरएफ तथा पीएसी की टीम मोटरबोट व नाव के सहारे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्य में जुटी हुई है। लोग घरों में पानी भरने के चलते छतों, सड़कों तथा ऊंचे स्थानों पर शरण लिए हुए हैं। 32 बाढ़ चौकियों में बाढ़ पीड़ितों को सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
लोगों ने बढ़ाया मदद का हाथ
बाढ़ पीड़ितों को मदद पहुंचाने में प्रशासन के साथ-साथ स्वयं सेवी संगठनों, राजनैतिक दलों तथा व्यापारी संगठनों ने भी सक्रिय भूमिका शुरु कर दी है। शुक्रवार को सपा के जिला महासचिव इकबाल जावेद ने मखना गांव में नाव से पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की। इसके अलावा कोड़री, बिजलीपुर, बल्लीडीह व विश्रामपुर में भी इन लोगों ने राहत सामग्री का वितरण किया। इस अवसर पर सपा जिलाध्यक्ष ओंकार नाथ पटेल, निवर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि समर जावेद आदि मौजूद रहे। इसके अलावा बस आपरेटर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी हाजी नब्बन खां, अजीम खां तथा सिक्ख समुदाय के गुरु सिंह सभा द्वारा भी बाढ़ पीड़ितों के लिए लंच पैकेट व राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।