फोटो - बलरामपुर के सादुल्लाहनगर में चोरघाट पुल। स्रोत - विभाग
सादुल्लाहनगर। करीब 12 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद कुआनो नदी पर बना चोरघटा पुल चालू हो गया है। पुल का संचालन शुरू होने से बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और गोंडा जनपद के करीब डेढ़ लाख लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिली है।
उतरौला विधानसभा क्षेत्र के रामपुर ग्रंट गांव के निकट कुआनो नदी पर पुल निर्माण की परियोजना वर्ष 2013-14 में स्वीकृत हुई थी। इसके लिए 3.46 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया था। वर्ष 2014 में निर्माण कार्य शुरू हुआ और शुरुआती चरण में दो पिलर भी बनाए गए, लेकिन वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) न मिलने के कारण काम रुक गया। वर्ष 2019 में दोबारा निर्माण शुरू हुआ, लेकिन वन विभाग की नई आपत्तियों के चलते परियोजना फिर अधर में लटक गई। इसके बाद वर्ष 2023-24 में जिला प्रशासन के प्रयासों से वन विभाग की मंजूरी मिलने पर मई 2024 में निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराया गया। लागत बढ़ने के कारण परियोजना पांच करोड़ रुपये से अधिक की लागत में पूरी हो सकी। चोरघटा गांव के पास स्थित यह पुल वर्षों से क्षेत्रीय लोगों की प्रमुख मांग रहा है। पुल के चालू होने से अब लोगों को लंबा चक्कर लगाकर दूसरे मार्गों से आवागमन नहीं करना पड़ेगा। इससे व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण संपर्क को भी बढ़ावा मिलेगा। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने बताया कि पुल निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है और इसे आमजन के आवागमन के लिए शुरू कर दिया गया है। पुल शुरू होने से क्षेत्र के लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी।