बलरामपुर। जीरो से छह साल तक के बच्चों को कुपोषण से निजात दिलाई जाएगी। पोषण अभियान के तहत छह विभागों की तरफ से संयुक्त प्रयास शुरू किया गया है। आईसीडीएस, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, पंचायती राज, खाद्य एवं रसद, शिक्षा तथा मनरेगा के तहत कुपोषित बच्चों के परिवारों को सहायता मुहैया कराई जाएगी।
यह बातें सदर तहसील के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुमार हर्ष ने गुरुवार को सदर ब्लॉक सभागार में पोषण अभियान में सम्मलित विभागों के अफसरों व कर्मियों की प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहीं।
डीपीओ सत्येंद्र सिंह ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि आईसीडीएस विभाग के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं की मदद से कुपोषित बच्चों की पहचान की जा रही है। पहचान के बाद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की तरफ से बच्चों के कुपोषण को दूर करने के लिए उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कर निशुल्क इलाज किया जा रहा है।
पंचायती राज विभाग की तरफ से कुपोषित बच्चे के परिवार को शौचालय की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। खाद्य एवं रसद विभाग की तरफ से राशन कार्ड देकर उन्हें सस्ते रेट पर अनाज दिया जा रहा है। मनरेगा योजना से कुपोषित बच्चों के परिवार को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
कार्यक्रम का संचालन सीडीपीओ देहात परियोजना राकेश कुमार शर्मा ने की। इस अवसर पर डॉ. जगमोहन, सीमा जायसवाल, रेनू, अशोक दूबे, संतोष कुमार, किरन त्रिपाठी, सुमनलता, प्रर्मिला पांडेय, सिद्धार्थ कुमार, मीरा तिवारी व अनीता सहित तमाम लोग मौजूद रहे।